राजस्थान का लोक-संगीत / Rajasthan Ka Lok Sangit
पुस्तक का विवरण / Book Details | |
Book Name | राजस्थान का लोक-संगीत / Rajasthan Ka Lok Sangit |
Author | Devilal Samar |
Category | साहित्य / Literature, साहित्य / Literature, ग्रन्थ / Granth |
Language | हिंदी / Hindi |
Pages | 162 |
Quality | Good |
Size | 5.7 MB |
Download Status | Available |
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राजस्थान का लोक-संगीत का संछिप्त विवरण : भारतीय लोक-कला मण्डल की प्रवृत्तियों में खोजविभाग सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण प्रवृत्ति है | प्रकाशन, फोटो-फिल्म तथा प्रदर्शन विभाग को सामग्री प्रदान करनेवाला यह खोज-विभाग ही है | मण्डल के प्रदर्शन विभाग द्वारा जो अनेक लोकनृत्य और लोकनाट्य आदि अब तक प्रस्तुत किये गए है.वे खोज-विभाग की ही देन है……
Rajasthan Ka Lok Sangit PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Bharatiy lok-kala mandal ki pravrttiyon mein khojvibhag sabse adhik mahattvapurn pravrtti hai. Prakashan, photo-philm tatha pradarshan vibhag ko samagri pradan karnevala yah khoj-vibhag hi hai. Mandal ke pradarshan vibhag dwara jo anek lokanrty aur lokanaty aadi ab tak prastut kiye gae hai,ve khoj-vibhag ki hi den hai…………
Short Description of Rajasthan Ka Lok Sangit PDF Book : In the trend of Indian Folk arts, the search division is the most important trend. It is the search-department to provide content to the publication, photo-film and display department. The many folk dances and folk dramas etc. which have been presented so far by the display department of the Mandal, are only for the search department……………
“हम वस्तुओं को जैसी हैं वैसे नहीं देखते हैं। हम उन्हें वैसे देखते हैं जैसे हम हैं।” ‐ टालमड
“We do not see things they are. We see them as we are.” ‐ Talmud
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