विनय पत्रिका : गोस्वामी तुसलीदास द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – काव्य | Vinay Patrika : by Goswami Tulsidas Hindi PDF Book – Poetry (Kavya)

Book Nameविनय पत्रिका / Vinay Patrika-
Author
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Language
Pages 475
Quality Good
Size 29.3 MB

पुस्तक का विवरण : वास्तव में काव्य व्याख्या या परिभाषा का विषय नहीं, उसका सच्चा आनन्द तो केवल उसके रसास्वादन द्वारा ही लिया जा सकता है; क्योंकि काव्य की व्याख्या ही है ‘रसात्मक वाक्य काव्यम! | जब कवि के अन्तस्तलू में भावनाओं, कल्पनाओं और अनुभूतियों की सच्ची छाप पड़ती है, तो उसके हृदयस्थ भाव काव्य के रूप में स्वतः बहिर्गत होने…….

Pustak Ka Vivaran : Vastav mein kavy vyakhya ya paribhasha ka vishay nahin, usaka sachcha aanand to keval usake Rasasvadan dvara hi liya ja sakata hai; kyonki kavy ki vyakhya hi hai rasatmak vaky kavyam.  Jab kavi ke antastaloo mein bhavanayon, kalpanaon aur anubhootiyon ki sachchi chhap padatee hai, to usake hrdayasth bhav kavy ke roop mein svatah bahirgat hone…….

Description about eBook : In fact, poetry is not a matter of interpretation or definition, its true enjoyment can be enjoyed only by its taste; Because the interpretation of poetry is ‘Rasaic Sentence Kavyam! , When there is a true imprint of feelings, imaginations and feelings in the heart of the poet, then his heartfelt feelings automatically come out in the form of poetry…….

“हमारे द्वारा कार्य के लिए लगाए गए समय महत्त्व का इतना नहीं है, जितना महत्त्व इस बात का है कि लगाए गए समय के दौरान हमने कितनी गंभीरता से प्रयास किया।” ‐ सिडने मैडवैड.
“It is not the hours we put in on the job, it is what we put into the hours that counts.” ‐ Sidney Madwed

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