अष्टावक्र गीता | Ashtavakra Gita PDF

अष्टावक्र गीता | Ashtavakra Gita PDF Hindi Book
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अष्टावक्र गीता | Ashtavakra Gita PDF Hindi Book

अष्टावक्र गीता पुस्तक का कुछ अंश : एक समय में मिथिलाधीश राजा जनक के मन में पूर्व पुण्य के प्रभाव से इस प्रकार जिज्ञासा उत्पन्न हुई कि असार संसार रूप के बंधन से किस प्रकार मुक्ति होगी फिर उन्होंने ऐसा भी विचार किया कि किसी जन्म ब्रह्मज्ञानी गुरु के समीप जाना चाहिए इसी अन्तर में उनको मानो ब्रह्मज्ञान के समुद्र परम दयालु श्री अष्टावक्र जी मिले। इनकी आकृति को देखकर राजा जनक के मन में यह अभिमान हुआ कि यह ब्राह्मण अत्यंत ही कुरूप है…..

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पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name अष्टावक्र गीता | Ashtavakra Gita PDF
Author
Categoryसंस्कृति | Culture Hindi Books हिन्दू / Hinduism Hindi Books Geeta Book in Hindi
Language
Pages 180
Quality Good
Size 54.3 MB
Download Status Available
“जब हम कठिन कार्यों को चुनौती के रुप में स्वीकार करते हैं और उन्हें खुशी और उत्साह से निष्पादित करते हैं, तो चमत्कार हो सकते हैं।” ‐ अल्बर्ट गिल्बर्ट
“When we accept tough jobs as a challenge and wade into them with joy and enthusiasm, miracles can happen.” ‐ Arland Gilbert

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