हृदय रोग कारण और बचाव : डॉ. पुरुषोत्तम लाल हिंदी पुस्तक | Hridaya Rog Karan Aur Bachav : By Dr. Purushottam Lal Hindi Book
हृदय रोग कारण और बचाव पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : आज के समय में हृदय रोग और दिल के दौरे असामयिक मृत्यु के सबसे बड़े कारण हैं। विकासशील देशों में हृदय की बीमारियाँ महामारी बनकर उभर रही हैं।
कुछ साल पहले तक अधेड़ों और प्रौड़ों का रोग माने जानेवाले हृदय रोग अब नौजवानों को भी अपनी गिरफ्त में ले रहे हैं। अब 35 से 44 वर्ष की उम्र से ही लोग इसके चंगुल में आने लगे हैं और 55 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए तो हृदय रोग माँत का पर्याय ही बन गया है। भारत में भी प्रतिवर्ष लगभग 25 लाख लोग दिल के दौरे के कारण असामयिक मृत्यु के ग्रास बन रहे हैं। प्रतिष्ठित व अनुभवी हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पुरुषोत्तम लाल ने प्रस्तुत पुस्तक में व्यावहारिक दृष्टि से हृदय रोग होने के कारणों पर उपयोगी चर्चा की है। साथ ही इस च रोग से बचाव के संबंध में बड़ी ही सरल, सुविधाजनक और सटीक जानकारी दी है।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | हृदय रोग कारण और बचाव | Hridaya Rog Karan Aur Bachav |
| Author | डॉ. पुरुषोत्तम लाल / Dr. Purushottam Lal |
| Category | शिक्षा / Educational Hindi Books Health Book in Hindi Medical Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 136 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“ऐसा कोई युग कभी नहीं रहा जिसमें अतीत का गुणगान और वर्तमान पर विलाप न किया गया हो।” ‐ लिलियन आइक्लर वॉटसन
“There has never been an age that did not applaud the past and lament the present.” ‐ Lillian Eichler Watson
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