Atit Ka Anchal : By Colonel Purushottam Gupt Hindi Book | अतीत का आंचल : कर्नल पुरूषोत्तम गुप्त द्वारा हिंदी पुस्तक
अतीत का आंचल पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : पूर्व कर्नल और अब जन भाषा हिन्दी के साहित्यकार समीर द्वारा दो कहानी संग्रह ‘आ अब लौट चले’ और ‘सजल आँखे और एक उपन्यास ‘भवरजाल दिल्ली के आत्माराम एण्ड सन्स और संजीव प्रकाशन द्वारा अब तक विरचित प्रकाशित एवं चर्चित हो कर शनैः शनैः लोकप्रियता की परिधि को संवृद्ध करते जा रहे हैं। इन कृतियों की सामयिक सन्दर्भता और लोकमंगल की भावना को ध्यान में रख कर उत्तर प्रदेश शासन के माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के राजकीय पुस्तकालयों में छात्रों / सामान्य पाठको के हितार्थ समुचित संख्या में उक्त पुस्तकों का क्रय कर लिया है।
अब समीर जी ने अपने पूरे जीवन के भूले बिसरे क्षणों को पुनः स्मरण करते हुऐ ‘अतीत का आंचल शीर्षक से प्रस्तुत ‘संस्मरण सृजित किया है।
Continue with the next Hindi storybook
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | अतीत का आंचल | Atit Ka Anchal |
| Author | Purushottam Gupt |
| Category | कहानी संग्रह / Story Collections Literature Book in Hindi Story Book PDF in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 200 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“जिनसे प्रेम करते हैं, उन्हें जाने दें, वे यदि लौट आते हैं तो वे सदा के लिए आपके हैं। और अगर नहीं लौटते हैं तो वे कभी आपके थे ही नहीं।” ‐ खलील ज़िब्रान (१८८३-१९३१), सीरियाई कवि
“If you love somebody, let them go, for if they return, they were always yours. And if they don’t, they never were.” ‐ Kahlil Gibran (1883-1931), Syrian Poet
हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें












