एक ब्रेक के बाद : अल्का सरावगी | Ek Break Ke Baad : By Alka Saraogi Hindi Book
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एक ब्रेक के बाद पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : के.वी. की पत्नी और बेटा दोनों मुसलमानों के ख़िलाफ़ बोलने में नहीं हिचकते, इस बात का के. वी. को दुख है। लेकिन वे घरवालों से इस बात पर बहस में नहीं उतरते। चमड़े की जुबान पर लगाम थोड़े ही होती है। एक बार बेटे ने उनसे कह दिया- “दो हजार साल से आप जो मानकर बैठे हैं कि आप हर तरह से बाकी दुनिया से बढ़-चढ़कर हैं, उसे आप कितना भी छुपाएँ, दिख जाता है। आपके लिए तो आपको छोड़कर सारी दुनिया शूद्र है- हिन्दू शूद्र हो या मुसलमान शूद्र। आपको क्या फर्क पड़ता है।”
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | एक ब्रेक के बाद | Ek Break Ke Baad |
| Author | Alka Saraogi |
| Category | Entertainment Book in Hindi PDF Novel Book in Hindi PDF Story Book PDF in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 220dc |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“वह व्यक्ति ग़रीब नहीं है जिसके पास थोड़ा बहुत ही है। ग़रीब तो वह है जो ज़्यादा के लिए मरा जा रहा है।” ‐ सैनेका, रोमन दार्शनिक
“It is not the man who has too little, but the man who craves more, that is poor.” ‐ Lucius Annaeus Seneca, Roman Philosopher
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