सीडियां , माँ और उसका देवता : भगवान दास मोरवाल | Sidiyan , Maa Aur Uska Devta : By Bhagwan Das Morwal Hindi Book
सीडियां , माँ और उसका देवता पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : हिन्दी कहानियों की दुनिया में नए प्रकार की सामाजिकता का प्रवेश तेजी से हो रहा है। समाज के ऐसे-ऐसे अंश साहित्य में अपनी जगह माँग रहे हैं जिनके बारे में कभी चर्चा तक नहीं होती थी। पहले ऐसे अँधेरे कोनों के बारे में कोई रचना आ जाती थी तो उसे अनूठा मान लिया जाता था। आज वैसे गुमनाम कोनों के बारे में लिखनेवालों की तादाद बढ़ी है। और तो और ये गुमनाम कोने खुद लिखने-बोलने भी लगे हैं भगवानदास मोरवाल ऐसे अँधेरे बन्द कोनों को रोशन करने और उन्हें जीवन्त बनाने के लिए जाने जाते हैं हिन्दी कहानी को अपने विरल अनुभवों से समृद्ध करनेवाले नामों में उनका नाम भी अहमियत रखता है।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | सीडियां , माँ और उसका देवता | Sidiyan , Maa Aur Uska Devta |
| Author | Bhagwan Das |
| Category | कहानी संग्रह / Story Collections Entertainment Book in Hindi PDF Kahani Sangrah Book in Hindi PDF Story Book PDF in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 232 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“प्रातःकाल का भ्रमण पूरे दिन के लिए वरदान होता है।” हेनरी डेविड थोरो (१८१७-१८६२), लेखक
“An early-morning walk is a blessing for the whole day.” Henry David Thoreau (1817-1862), Writer
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