भगवान बुद्ध जीवन और नियम : धर्मानंद कोसम्बी | Bhagwan Buddha Jeevan Aur Niyam : By Dharmanand Kosambi Hindi Book
भगवान बुद्ध जीवन और नियम पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : इस ग्रन्थ के मूल लेखक धर्मानन्द कोसम्बी पालि भाषा और साहित्य के प्रकाण्ड पण्डित थे। बौद्ध धर्म-सम्बन्धी तमाम मौलिक साहित्य का गहरा अध्ययन करके वे अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति के विद्वान बने। लेकिन उनका सारा प्रयास केवल विद्वत्ता पाने के लिए नहीं था। वे बुद्ध भगवान के अनन्य भक्त थे। इसीलिए उन्होंने जो कुछ पाया, जो कुछ किया और साहित्य प्रवृत्ति द्वारा जो कुछ दिया, वह सब का सब बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय वा ।
धर्मानन्द कोसम्बी द्वारा लिखित यह चरित्र शायद पहला ही चरित्र ग्रन्थ है, जो किसी भारतीय व्यक्ति ने मूल पालि बौद्ध ग्रन्थ ‘त्रिपिटक’ तथा अन्य आधार-ग्रन्थों का चिकित्सापूर्ण दोहन करके, उसी के आधार पर लिखा हो। इस प्राचीन मसाले में भी जितना हिस्सा बुद्धि-ग्राह्य था उतना ही उन्होंने लिया। पौराणिक चमत्कार, असंभाव्य वस्तु सब छोड़ दी, और जो कुछ भी लिखा, उसके लिए जगह-जगह मूल प्रमाण भी दिये।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | भगवान बुद्ध जीवन और नियम | Bhagwan Buddha Jeevan Aur Niyam |
| Author | धर्मानंद कोसम्बी / Dharmanand Kosambi, श्रीपाद जोशी / Shripad Joshi |
| Category | शिक्षा / Educational Hindi Books Biography Book in Hindi Granth Book in Hindi PDF | ग्रन्थ History Book in Hindi Jainism Book in Hindi PDF Religious Books in Hindi PDF Spiritual PDF Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 286 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“एक बार काम शुरू कर लें तो असफलता का डर नहीं रखें और न ही काम को छोड़ें। निष्ठा से काम करने वाले ही सबसे सुखी हैं।” ‐ चाणक्य
“Once you start a working on something, don’t be afraid of failure and don’t abandon it. People who work sincerely are the happiest.” ‐ Chanakya
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