पहचान : अनवर सुहैल | Pehchan : By Anwar Suhail Hindi Book
पहचान पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : इस उपन्यास की पृष्ठभूमि में भारतीय समाज का वह सीमान्त इलाका है जहाँ के बच्चों की शिक्षा सिनेमा हॉल गैरेजों और चाय-पान की गुमटियों में होती है, जिन्हें भूगोल का ज्ञान ट्रक चालकों से इंजीनियरिंग का ज्ञान गैरेजों में खटकर, ड्रेस डिजाइनिंग का हुनर दर्जी की दुकान से और ब्यूटीशियन का डिप्लोमा नाई की दुकान से मिलता है। यूनुस इसी धरती पर उगा हुआ एक पौधा है, जिसे अपने लिए एक पहचान की लाश है।
लेकिन उसके साथ चिपकी हुई एक पहचान उसका मुसलमान होना भी है, पर वह उसे हर कहीं उजागर नहीं करता, कम-से-कम अपने सलीम भाई की तरह तो नहीं जिसे गुजरात में ऑटो में बैठे-बैठे जिन्दा जला दिया गया उसके लिए उससे ज्यादा मायने अपनी वह छवि रखती है जिसे यह खनूबर की आँखों में देखता है। सनूबर जो उसकी महबूबा है और जो उसे मुहम्मद यूनुस नहीं, अंग्रेजी में संक्षेप करके ‘एमवाई’ अर्थात् ‘माई’ बुलाती है।
Click here for your next Hindi novel in PDF
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | पहचान | Pehchan |
| Author | anwar suhail |
| Category | Novel in Hindi PDF Book |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 132 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“कठिनाईयों का अर्थ आगे बढ़ना है, न कि हतोत्साहित होना। मानवीय भावना का अर्थ द्वन्द्व से और अधिक मजबूत होना होता है।” ‐ विलियम एल्लेरी चैन्निंग
“Difficulties are meant to rouse, not discourage. The human spirit is to grow strong by conflict.” ‐ William Ellery Channing
हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें












