Miratula-Arus : By Deputy Nazir Ahmad Hindi Book | मिरातुला-अरुस : डिप्टी नज़ीर अहमद द्वारा हिंदी पुस्तक
मिरातुला-अरुस पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : उस समय के अनुसार सभी की भाँति नज़ीर अहमद की प्रारम्भिक शिक्षा मदरसे में हुई। पिता मौलवी सआदत अली ने घर पर भी पढ़ाया। फिर पंजाब के कटरे की मस्जिद में भी पढ़ाई के लिए कुछ समय नजीर अहमद ने गुजारे। आगे पढ़ने की इच्छा उन्हें दिल्ली ले गई। 1845 से 1853 तक उन्होंने दिल्ली कालेज (जो अब ज़ाकिर हुसैन कालेज के नाम से प्रसिद्ध है) में शिक्षा पाई, जहाँ मौलाना अल्ताफ़ हुसैन हाली, मु.हुसैन आज़ाद, मौलवी करीमुद्दीन और मौलवी ज़काउल्ला भी पढ़ रहे थे। नज़ीर अहमद का विचार था “दिल्ली कालेज की तालीम का सबसे बड़ा फ़ायदा यह हुआ कि में कट्टर मौलवी न बन सका, बल्कि खुले और रोशन दिमाग़ का मालिक बन गया।”
इसमें कोई शक नहीं कि वह मौलवी थे किन्तु साथ ही एक अच्छे विचारक भी थे। दूसरों की भाँति उनका अध्ययन और चिंतन परिधि बहुत सीमित न थी इसीलिए धार्मिक विषयों एवं सामाजिक समस्याओं पर जीवन भर कट्टर मौलवियों से टक्कर लेते रहे।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | मिरातुला-अरुस | Miratula-Arus |
| Author | Deputy Nazir Ahmad |
| Category | Literature Book in Hindi Novel Book in Hindi PDF |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 204 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“गति और प्रगति में संदेह न करें। कोल्हू के बैल दिन भर चलते हैं लेकिन कोई प्रगति नहीं करते है।” ‐ अल्फ्रेड ए. मोन्टापर्ट
“Do not confuse motion and progress. A rocking horse keeps moving but does not make any progress.” ‐ Alfred A. Montapert
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