Harta Kumvar Ka Vasiyatanama : By Udaybhanu Pandey Hindi Book | हर्ता कुम्वर का वासियतनामा : उदयभानु पांडे द्वारा हिंदी पुस्तक

Harta Kumvar Ka Vasiyatanama : By Udaybhanu Pandey Hindi Book | हर्ता कुम्वर का वासियतनामा : उदयभानु पांडे द्वारा हिंदी पुस्तक
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हर्ता कुम्वर का वासियतनामा पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : ‘हर्ता कुँवर का वसीयतनामा’ संग्रह की कहानियाँ शाश्वत राग की भावप्रधान कहानियाँ हैं।’ भाव प्रधान’ का अर्थ ‘भावुकता नहीं है। प्रेम महाभाव है जो अपने विविध रूपों में इन कहानियों में लबालब भरा है। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने प्रेम और करुणा को मनुष्यता का रक्षक भाव कहा था। इन कहानियों का सूत्रधार इसका साक्ष्य प्रस्तुत करता है। इन कहानियों में एक परिमार्जित भाषा का सौष्ठव है जिसमें शब्द अपनी पूरी शक्ति और सामर्थ्य के साथ उसी प्रकार उपस्थित हैं जैसे कि वे कविता में होते हैं। बहुभाषी कहानीकार ने हिन्दी, अंग्रेजी, बांग्ला, असमी और लोकभाषा अवधी का सधा हुआ इस्तेमाल किया है। उसके कहने का अन्दारा और सलीका सुरुचिपूर्ण है। शब्दों में रूप और घटना तथा स्थितियों को मूर्त कर देने में वह पूरी तरह सक्षम है। चरित्रों के मनोवैज्ञानिक ऊहापोह और स्त्री-पुरुष मनोविज्ञान की जटिलता को वह बड़ी गहराई में पकड़ता है। उसके चरित्रों में मानवीय पीड़ा और अवसाद का गाढ़ा रंग झलकता है। संवेदनशील कला-मूल्यों के प्रति समर्पित पात्रों तथा सतह पर जी रहे समाज की जीवन-दृष्टियों में परस्पर द्वन्द्व की स्थिति इन कहानियों में लक्षित की जा सकती है। यद्यपि इन कहानियों में आभिजात्य जीवन-प्रसंग ज्यादा है पर संकेतों में अपने समय का कुरूप और अनगढ़ यथार्थ भी कम नहीं है।

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पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name हर्ता कुम्वर का वासियतनामा | Harta Kumvar Ka Vasiyatanama
Author
CategoryLiterature Book in Hindi Novel Book in Hindi PDF Story Book PDF in Hindi
Language
Pages 144
Quality Good
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“आप जीवन के मंद दौर से उबर पाने की क्षमता की एक निश्चित राशि के साथ पैदा नहीं हुए हैं। यह तो एक मांसपेशी के समान है, आप इसे बढ़ा सकते हैं, और फिर ज़रूरत होने पर इससे काम ले सकते हैं।” शैरिल सैंडबर्ग
“You are not born with a fixed amount of resilience. It’s a muscle, you can build it up, and then draw on it when you need it.” Sheryl Sandberg

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