Yahan Hathi Rahte The : By Geetanjali Shri Hindi Book | यहां हाथी रहते थे : गीतांजलि श्री द्वारा हिंदी पुस्तक
यहां हाथी रहते थे पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए जिस प्रकार ‘गंभीरता’ जरूरी है, उसी प्रकार गंभीर क्षणों को मृदुलता में बदलने और जीवन में नवशक्ति के संचार हेतु मनोरंजन भी जरूरी है। जीवन में मनोरंजन के कई आयाम होते हैं जिनमें से दृश्य, श्रव्य, स्पर्श और पाठन प्रमुख हैं, किंतु मनोरंजन के इन चारों आयामों में से ‘पाठन’ का अपना एक अलग ही महत्त्व है। पाठन में लघु कथा, वृहत कथा, उपन्यास, कविता और चुटकुले आदि आते हैं। इन सबमें लघु कथा और चुटकुले पाठक को एक ऐसी दीर्घ सोच और भावना से तरंगित कर जाते हैं, जिनका प्रभाव कभी-कभी वर्षों तक और कभी-कभी तो स्थायी रूप से मन पर अंकित लेकर रह जाता है। लघु कथा भी जीवन की गंभीरता को ही परिलक्षित करती है, अतः स्पष्ट रूप से यह कहा जा सकता है कि एकमात्र चुटकुले ही वह सामग्री है, जिससे बड़ी सरलता, सादगी और सार्थकता के साथ विशुद्ध मनोरंजन प्राप्त हो सकता है।
यहां पर यह कहना भी न्यायसंगत होगा कि कुछ चुटकुले, जो विकृत मानसिकता की उपज होते हैं, वे मनोरंजन के स्थान पर मन में क्लेश और विषाद को ही जन्म देते हैं। वास्तव में वे ही चुटकुले अपने उद्देश्य की पूर्ति करते हैं, जो मन को प्रमुदित करते हैं, मन में उल्लास जगाते हैं और अनायास ही कहकहा लगाने के लिए विवश कर देते हैं।
Another PDF story in Hindi is ready now
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | यहां हाथी रहते थे | Yahan Hathi Rahte The |
| Author | गीतांजलि श्री / Geetanjali Shri |
| Category | कहानी संग्रह / Story Collections Kahani Sangrah Book in Hindi PDF Story Book PDF in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 204 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“जिस व्यक्ति को पर्याप्त भी कम लगता हो उसके लिये कितनी भी उपलब्धता अपर्याप्त है।” ‐ एपिक्युरस
“Nothing is enough to the man for whom enough is too little.” ‐ Epicurus
हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें












