श्यामला हिल्स : श्री राम मिश्रा | Shyamla Hills : By Shri Ram Mishra Hindi Book
श्यामला हिल्स पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : “मेरी बेटी सीता जैसी सुंदर है। इसे राम जैसा लड़का तो मिलना ही चाहिए।” कमला अनजाने में कह गई थी। उसे क्या पता था कि नियति ने उसकी बेटी के जीवन में सीता की तरह अग्नि परीक्षा से गुजरना भी पूर्व निर्धारित कर रखा है। मंदाकिनी की विचारधारा पर लगे संस्कारों के बंधन ढीले हो रहे थे। मस्तिष्क स्वतंत्र विचरण कर रहा था। गिरिराज का पिता प्रदत्त सम्बोधन ‘गिरि’ उसके कानों में निरन्तर गूंज रहा था। जैसे गिरि से मंदाकिनी के प्रवाह को प्रपात का रूप मिला हो, झरने की कलकल निरंतर ध्वनि मिली हो, वैसे ही मंदाकिनी के निर्मल और स्वच्छ प्रवाह को, ‘गिरि’ से बहते प्रपात को, गुरुत्वाकर्षण की ऊर्जा मिल रही थी। वह पुलकित थी, परंतु अतिरिक्त ऊर्जा का उत्साह उसे बेचैन किए हुए था।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | श्यामला हिल्स | Shyamla Hills |
| Author | Shri Ram Mishra |
| Category | Novel Book in Hindi PDF |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 368 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“तुच्छ व्यक्तियों या क्षुद्र जिंदगियों जैसी कोई चीज़ जिस तरह से नहीं होती, ठीक वैसे ही तुच्छ काम जैसी भी कोई चीज़ नहीं होती।” ‐ एलेना बोनर, एलोन टुगेदर
“Just as there are no little people or unimportant lives, there is no insignificant work.” ‐ Elena Boner, Alone Together
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