Garima : By Dropadi Malik Hindi Book | गरिमा : द्रोपदी मलिक द्वारा हिंदी पुस्तक
गरिमा पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश :
मैं सबसे पहले भगवान का धन्यवाद करती हूं, जिनका आशीर्वाद मुझे जीवन में हमेशा मिला। डॉ. लीलाधर ‘वियोगी’ (हरियाणा साहित्य अकादमी तथा अन्य अनेक पुरस्कारों से पुरस्कृत) मेरे चाचा जी जिन्होंने साहित्य कला के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान बनाया और मुझे हमेशा प्रेरित किया व अपना सहयोग प्रदान किया, जिसके बिना ये उपन्यास आप तक नहीं पहुँचता ।
श्री जितेन्द्र सूद, प्रसिद्ध कहानीकार, जिन्होंने इस उपन्यास को न केवल धैर्य से पढ़ा, बल्कि अपने बहुमूल्य सुझाव भी दिए।
श्रीमती दीपिका वियोगी, मेरे उपन्यास की प्रथम पाठक जिनका प्रोत्साहन मेरा संबल बनेगा।
मेरे पति मेरे जीवन सहचर श्री हकीकत राय मलिक, जिनके सहयोग के बिना मैं यह उपन्यास नहीं लिख पाती।
मेरा बेटा विशाल एवं पुत्रवधू शिल्पा एवं बेटी भावना व दामाद नितिन जिन्होंने जीवन में हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया। नील व आशी मेरे जीवन में आए नन्हे फरिश्ते, मेरा पोता एवं नाती, जिन्होंने जीवन में खुशियां भर दीं।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | गरिमा | Garima |
| Author | Dropadi Malik |
| Category | Literature Book in Hindi Novel Book in Hindi PDF Story Book PDF in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 160 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“विकल्पों का न होना बुद्धि को बढ़िया ढंग से परिमार्जित कर देता है।” ‐ हेनरी ए किसिंगर, नोबेल विजेता व भूतपूर्व अमरीकी विदेश मंत्री
“The absence of alternatives clears the mind marvelously.” ‐ Henry A. Kissinger, Nobel Laureate and former American Foreign Minister
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