अमोघ शिव कवच : महर्षि ऋषभ द्वारा मुफ्त हिंदी धार्मिक पीडीएफ पुस्तक | Amogh Shiv Kawach : by Maharishi Rishabh Free Hindi Religious PDF Book

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“वह व्यक्ति समर्थ है जो यह मानता है कि वह समर्थ है।” ‐ बुद्ध
“He is able who thinks he is able.” ‐ Buddha

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अमोघ शिव कवच : महर्षि ऋषभ द्वारा मुफ्त हिंदी धार्मिक पीडीएफ पुस्तक | Amogh Shiv Kawach : by Maharishi Rishabh Free Hindi Religious PDF Book 

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पुस्तक का नाम / Name of Book : अमोघ शिव कवच /  Amogh Shiv Kawach

पुस्तक के लेखक / Author of Book : महर्षि ऋषभ / Maharishi Rishabh

पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी / Hindi

पुस्तक का आकर / Size of Ebook : 800 KB

कुल पन्ने / Total pages in ebook : 30

पुस्तक डाउनलोड स्थिति / Ebook Downloading Status  : Best 

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पुस्तक का विवरण : यह अमोघ शिवकवच परम गोपनीय, अत्यन्त आदरणीय, सब पापों को दूर करने वाला, सारे अमंगलों को, विघ्न-बाधाओं को हरने वाला, परम पवित्र, जयप्रद और सम्पूर्ण विपत्तियों का नाशक माना गया है| यह परम हितकारी है और सब भयों को दूर करता है| इसके प्रभाव से क्षीनायु, म्रत्यु के समीप पहुँचा हुआ महान रोगी मनुष्य भी शीघ्र नीरोगता को प्राप्त करता है और उसकी दीर्घायु हो जाती है| आर्थिक अभाव से पीड़ित मनुष्य की सारी दरिद्रता दूर हो जाती है और सुख-वैभव की प्राप्ति होती है| पापी महापातक से छूट जाता है और इसका भक्ति-श्रधापूर्वक धारण करने वाला निष्काम पुरुष देहान्त के बाद दुर्लभ मोक्ष पद को प्राप्त होता है…………..

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Description about eBook : It is considered as a destroyer of the absolute secrecy, the most respected, the remover of all sins, the defective obstacles, the ultimate, the holy and the most miserable. It is the most beneficial and removes all fears. With this effect, the great patient, who reached near the place of death, near the death, quickly receives neurosis and its longevity. All the poverty of a person suffering from economic absence is gone and happiness and glory is attained. The sinner is released from the mahatakaraka and the devotion and devotion to him, after the death of the innocent man, the rare salvation is attained……………….

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One Quotation / एक उद्धरण
“जीवन में अपने आपके सुधार (शारीरिक और मानसिक, दोनों) को पहली प्राथमिकता दें।”
– रॉबिन नार्वुड


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“Make your own recovery (physical and mental, both) the first priority in your life.”
– Robin Norwood

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