बच्चों के व्यक्तित्व का विकास कैसे करें : हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – सामाजिक | Bachchon Ke Vyaktitv Ka Vikas Kaise Karen : Hindi PDF Book – Social (Samajik)

बच्चों के व्यक्तित्व का विकास कैसे करें : हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - सामाजिक | Bachchon Ke Vyaktitv Ka Vikas Kaise Karen : Hindi PDF Book - Social (Samajik)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name बच्चों के व्यक्तित्व का विकास कैसे करें : हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - सामाजिक | Bachchon Ke Vyaktitv Ka Vikas Kaise Karen
Category, , ,
Language
Pages 32
Quality Good
Size 5 MB
Download Status Not Available
पुस्तक का डाउनलोड लिंक नीचे हरी पट्टी पर दिया गया है|

पुस्तक का विवरण : अपने बच्चों के निर्माण करने के सम्बन्ध में अपने कर्तव्यों को प्राय पांच वर्षों तक पूरा कर लेती है। पेट में जिस दिन से बच्चा आता है, उसी दिन से माँ का कर्त्तव्य शुरू हो जाता है। बालक का स्वास्थ्य और बालक का मस्तिष्क विकास के लिए अपने चिंतन और उसको अपने आहार-विहार में जिस तरह संयम बरतना चाहिए……….

Pustak Ka Vivaran : Apane Bachchon ke Nirman karane ke sambandh mein apane kartavyon ko pray panch varshon tak poora kar leti hai. Pet mein jis din se bachcha aata hai, usi din se man ka karttavy shuroo ho jata hai. balak ka svasthy aur balak ka mastishk vikas ke liye apane chintan aur usako apane aahar-vihar mein jis tarah sanyam baratana chahiye…………

Description about eBook : She often fulfills her duties in relation to building her children for five years. The mother’s duty starts from the day the baby comes in the stomach. For the health of the child and the brain development of the child, one should exercise restraint in his thinking and his diet………………..

“आप जो सोचते हैं, आप जो कहते हैं, और आप जो करते हैं, इनमें तालमेल होना ही सुखी होना है।” महात्मा गांधी
“Happiness is when what you think, what you say, and what you do are in harmony.” Mahatma Gandhi

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Check Competition Books in Hindi & English - कम्पटीशन तैयारी से सम्बंधित किताबें यहाँ क्लिक करके देखें

Leave a Comment