अभिशप्त देव : अंजना ‘सवि’ | Abhisapt Dev : By Anjana ‘Savi’ Hindi Book
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अभिशप्त देव पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : अंजना ‘सवि’ का जन्म हरदा (मध्य प्रदेश) में हुआ। आपने हिंदी, अर्थशास्त्र और पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिग्रियां प्राप्त की हैं। कहानी के अतिरिक्त आप कविता, बाल-साहित्य, हास्य-व्यंग्य, लेख, लघुकथा, फ़ीचर व रेडियो वार्ता जैसी विधाओं पर भी क़लम उठाती रही हैं। आपके ‘मैं अकेली नहीं’ और ‘फ़रिश्ता’ कहानी-संग्रहों के अलावा ‘प्रवाह’, ‘स्पंदन’ और ‘मनुहार’ आदि कई काव्य-संग्रह भी प्रकाशित हो चुके हैं। आपको सरस्वती साहित्य सम्मान, कवयित्री महादेवी वर्मा सम्मान और पत्रकार श्री जैसे अनेक सम्मानों से भी नवाज़ा गया है। संप्रति आप इंदौर में रहती हैं।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | अभिशप्त देव | Abhisapt Dev |
| Author | अंजना 'सवि'/ Anjana 'Savi' |
| Category | कहानी संग्रह / Story Collections Kahani Sangrah Book in Hindi PDF |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 176 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“अपनी सामर्थ्य का पूर्ण विकास न करना दुनिया में सबसे बड़ा अपराध है। जब आप अपनी पूर्ण क्षमता के साथ कार्य निष्पादन करते हैं, तब आप दूसरों की सहायता करते हैं।” ‐ रोजर विलियम्स
“The greatest crime in the world is not developing your potential. When you do your best, you are helping others.” ‐ Roger Williams
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