Arjun Ki Kathaen : By Kamala Chandrakant Hindi Book | अर्जुन की कथाएँ : कमला चंद्रकांत द्वारा हिंदी पुस्तक
अर्जुन की कथाएँ पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : महाभारत के नायक, अर्जुन जन्मजात योद्धा थे। उनमें बल, साहस और एकाग्रता का अभूतपूर्व संगम था। उनका नाम वीरता और पराक्रम का पर्याय था। कृष्ण के प्रति अर्जुन की श्रद्धा, राम के प्रति हनुमान की श्रद्धा जितनी ही थी। इस संग्रह की पहली कथा दक्षिण भारत की अर्जुन और हनुमान की भेंट से संबंधित एक लोक कथा पर आधारित है। दोनों को अंत में ज्ञान होता है कि कृष्ण और राम एक ही हैं। धनुर्विद्या में प्रवीण, गुरु द्रोणाचार्य से अर्जुन ने शिक्षा प्राप्त की थी। उन्होंने देवताओं से आशीर्वाद स्वरूप बहुत से शस्त्रास्त्र प्राप्त किए थे। परंतु उन्हें अजेय बनाने का श्रेय अग्निदेव से मिले गाण्डीव नामक धनुष को है। अर्जुन के ममेरे भाई कृष्ण, उनके अभिन्न मित्र थे। अर्जुन सदैव कृष्ण से परामर्श करते थे। कुरुक्षेत्र के युद्ध में कृष्ण अर्जुन के सारथी बने ।
Your next Hindi story experience starts here
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | अर्जुन की कथाएँ | Arjun Ki Kathaen |
| Author | Kamala Chandrakant |
| Category | कहानी संग्रह / Story Collections हिन्दू / Hinduism Hindi Books History Book in Hindi Story Book PDF in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 36 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“यदि आपने हवाई किलों का निर्माण किया है तो आपका कार्य बेकार नहीं जाना चाहिए, हवाई किले हवा में ही बनाए जाते हैं। अब, उनके नीचे नींव रखने का कार्य करें।” ‐ हैनरी डेविड थोरेयू
“If you have built castles in the air, your work need not be lost; that is where they should be. Now put the foundations under them.” ‐ Henry David Thoreau
हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें












