मालू भालू : कमला भसीन | Malu Bhalu : By Kamala Bhasin Hindi Book
मालू भालू पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : दोस्तों, आप सबको जो इस किताब को बच्चों के साथ पढ़ेंगे, बताना चाहती हूँ कि इस किताब का जन्म क्यों और कैसे हुआ। बात कई साल पुरानी है। छुट्टी का दिन था और में अपने बेटे छोटू के साथ बिस्तर में घुसी हुई थी, उसे एक किताब दिखा रही थी। हाँ, यहाँ में बता दूं कि हमारा छोटू स्पेशल बच्चा है वह स्पास्टिक है, बोल नहीं सकता, अपने हाथ-पैर नहीं चला सकता और न ही उठ-बैठ सकता है। लेकिन किताबों, टेलिविज़न और संगीत का बड़ा शौकीन है।
जो किताब हम पढ़ रहे थे चीनी या रूसी थी, और उसमें नोर्थ पोल के भालुओं के बारे में कहानियाँ थीं। छोटू और मेरी भालुओं से यह पहली मुलाकात थी और हम बहुत ही खुश थे इसी किताब को पढ़कर हमने मालू भालू की कहानी बना डाली। यूँ ही मजाक मज़ाक में मज़े के लिये। लेकिन
अफ़सोस यह है कि न मुझे उस किताब का नाम मालूम है न उसके लेखक का। लेकिन फिर भी हमें उकसाने के लिये हम उस लेखक का शुक्रिया अदा करते हैं।
हाँ, यहाँ बता दूँ कि छोटू और में ज़रा फेमिनिस्ट या नारीवादी टाईप हैं इसलिये मालू और उसकी माँ को बहादुर, दिलेर घुमक्कड़ तो होना ही था (नारीवादी से मेरा मतलब है वे लोग जो लड़कियों और औरतों के लिये बराबरी, आज़ादी, बराबर के अवसर चाहते हैं।) यह किताब हम सब में छुपे मोजी, खोजी, घुमक्कड़ और मस्तमौला के नाम है।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | मालू भालू | Malu Bhalu |
| Author | Kamla Bhasin |
| Category | Hindi Children's Book PDF Story Book PDF in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 36 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“अपने क्रिसमस वृक्ष की ऊंचाई की चिंता न करें। बच्चों की आंखों में तो सारे ही तीस फुट ऊंचे होते हैं।” ‐ लैरी वाइल्ड
“Never worry about the size of your Christmas tree. In the eyes of children, they are all 30 feet tall.” ‐ Larry Wilde
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