Bavari Ka Rahasya : By Pramila Nanivadekar Hindi Book | बावड़ी का रहस्य : प्रमिला नानीवडेकर द्वारा हिंदी पुस्तक

Bavari Ka Rahasya : By Pramila Nanivadekar Hindi Book | बावड़ी का रहस्य : प्रमिला नानीवडेकर द्वारा हिंदी पुस्तक
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बावड़ी का रहस्य पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : एक छोटा-सा तालाब । उसके किनारे पेड़ों की कतार । उसमें कई आम के भी है। नीम के घने छायादार पेड़ आम के हरे-भरे पेड़ों से दोस्ती किये हुए हैं । इमली के पेड़ों पर चिड़ियों के बहुत-सारे घोंसले हैं। सबसे बड़े हैं बरगद के पेड़ ।
उस झुरमुट से थोड़ी दूरी पर देवी का एक छोटा-सा मन्दिर है। यह जगह गाँव के बाहर है, और पुजारी सिर्फ सुबह-शाम आकर देवी माँ की पूजा कर जाता है। नवरात्रि के दिनों में यहाँ बहुत रौनक रहती है। छोटा-सा मेला लगता है, और गाँव की स्त्रियाँ यहाँ आकर गरबा घूमती हैं ।
बैसाख की तपती दोपहरी में इस जगह कोई भी नहीं था । पंखी भी कहीं दुबककर बैठे हुए थे। मधु और रूपा कितनी ही देर तक बरगद के बड़े पेड़ के नीचे खड़े गाँव की ओर देखते रहे ! अभी सोम, मंगल और सोना का कोई पता नहीं था ।
मधु और रूपा उसी गाँव के रहने वाले। गाँव में नदी से थोड़ी दूरी पर उनका घर है ।

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पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name बावड़ी का रहस्य | Bavari Ka Rahasya
Author
CategoryLiterature Book in Hindi Story Book PDF in Hindi
Language
Pages 136
Quality Good
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“दूसरे क्या कर रहे हैं उसकी परवाह न करें; अपने आप से बेहतर करें, दिनोंदिन अपने ही रेकॉर्ड को तोड़े, और आप कामयाबी हासिल कर लेंगे।” विलियम बॉट्कर
“Never mind what others do; do better than yourself, beat your own record from day to day, and you are a success.” William Boetcker

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