सफलता के रहस्य : रमेशचंद्र मल्होत्रा | Safalta Ke Rahasya : By Rameshchandra Malhotra Hindi Book
सफलता के रहस्य पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : “हम जैसे हैं, उसे पाकर बन सकते हैक होने का अर्थ है उनका निक जो उसे अंततः दिव्यता की ओर से जा के है। दिव्यता के समस्त गुण मनुष्य के भीतर ही निहित हैं। आयश्यकता होती है उन्हें करने की इसलिए इस के साथ ही मनुष्य को अपने बारे में भी चाहिए। आत्मज्ञान बेहतर इनसान बनने का प्रण है।” अध्यात्म और मनोविज्ञान दोनों मानते है कि व्यक्ति का मन निर्मल है और अपने दिनों का न करते हुए कठोर करता है, का निर्मित नद्या का अधिकारी बनता है। दूसरों को खाना और सम कोकम करन कोन है। अच्छा बनने के लिए और अच्छा की भूमिर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है। आस्था व्यक्ति को सत आनंद देने के अलावा अनेक शारीरिक- मानसिक व्याधियों से भी उसकी रक्ष करती है। आस्था के इस बोनस को प्राप्त करने के लिए कोई सांसारिक व्यक्ति भी होगा तो क्यों न अच्छा बनने की सुखकारी यात्र आस्था के रास्ते पर कदम कर शुरू की जाए। इस दृष्टि भाषाविद् और से डॉ
रमेशचंद्र की यह पुस्तक निस्संदेह प्रेरक होगी।
Click here to access a fresh set of Hindi novel PDFs
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | सफलता के रहस्य | Safalta Ke Rahasya |
| Author | Ramesh Chandra Mehrotra |
| Category | Novel in Hindi PDF Book |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 128 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“यदि आपने हवाई किलों का निर्माण किया है तो आपका कार्य बेकार नहीं जाना चाहिए, हवाई किले हवा में ही बनाए जाते हैं। अब, उनके नीचे नींव रखने का कार्य करें।” ‐ हैनरी डेविड थोरेयू
“If you have built castles in the air, your work need not be lost; that is where they should be. Now put the foundations under them.” ‐ Henry David Thoreau
हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें












