दैनिक जीवन के आवश्यक कानून : कृष्णावतार खंडेलवाल | Dainik Jeevan Ke Avasayak Kanun : By Krishnavatar Khandelwal Hindi Book
दैनिक जीवन के अवश्यक कानून पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : जनसाधारण को आवश्यक कानूनों की जानकारी प्राप्त हो इस उद्देश्य के क्रम में मनोज पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित यह दूसरी पुस्तक भी मील का पत्थर साबित होगी। प्रथम पुस्तक की सफलता ने यह साबित किया है कि सरल हिंदी भाषा में लिखी पुस्तक के कारण कानून जैसा बोझिल विषय भी पाठकों को जीवनोपयोगी नजर आया है।
प्रस्तुत पुस्तक में उन आवश्यक कानूनों की जानकारी दी गई है, जिनसे साधारण नागरिक का चोली दामन जैसा साथ है। प्रत्येक व्यक्ति कानून द्वारा अनुशासित है। अतः आवश्यक कानूनों को जानना और उनका सम्मान करते हुए उनके अनुकूल आचरण करना प्रत्येक भारतवासी का कर्तव्य भी है। भारतीय कानून व्यवस्था में हिंदू कानून (विधि) का बेहद महत्व है। एक हिंदू की परिभाषा कानून के अनुसार क्या है? हिंदू विवाह भी कानून के दायरे में आता है। यदि हिंदू अपना वंश चलाने के लिए दत्तक (पुत्र या पुत्री) ग्रहण करता है तो उसे किन कानूनों की पूर्ति करनी होगी और कानून किस प्रकार से उसका साथ देगा ? भारतीय परिवारों में अधिकांशतः अभी भी यह स्थिति है कि परिवार का मुखिया वसीयत करने की आवश्यकता को महसूस नहीं करता है। दरअसल अज्ञानतावश ही वसीयत नहीं की जाती है। लोग समझते हैं कि एक बार वसीयत कर दी जाए तो फिर चल-अचल सम्पत्ति पर उनका अधिकार नहीं रहेगा और वह वारिसों के मोहताज हो जाएंगे लेकिन हमारे वे भाई-बहन नहीं जानते हैं कि वसीयत कानून ने उन्हें यह शक्ति भी दी है कि वह पूर्व में की गई वसीयत को निरस्त कर सके भारतीय व्यक्ति की अंतिम वसीयत को ही कानून में अंतिम वसीयत माना जाता है। वसीयतकर्ता की चल-अचल सम्पत्ति उसकी मृत्यु के बाद ही वारिसों को मिले, कानून में ऐसी भी व्यवस्था है अतः वसीयत कानून के बारे में जानकारी प्राप्त कर वारिसकर्ता मृत्यु पश्चात होने वाले झगड़ों और दुश्मनी का दमन कर सकता है। अतः कानून के अनुसार वसीयत करने के लाभ ही लाभ हैं, नुकसान कुछ भी नहीं।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | दैनिक जीवन के अवश्यक कानून | Dainik Jeevan Ke Avasayak Kanun |
| Author | कृष्णावतार खंडेलवाल / Krishnavatar Khandelwal |
| Category | शिक्षा / Educational Hindi Books ज्ञान / Knowledge Hindi Books Bhartiya Kanoon Book in Hindi PDF Indian Constitution Book in Hindi PDF Law Book in Hindi Self Help Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 256 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“मेरे साथ जो कुछ अप्रिय हो सकता है, उन सभी से मैं बड़ा हूं। यह सभी बातें, दुःख, दुर्भाग्य, तथा पीड़ाएं, मेरे दरवाजे से बाहर हैं। मैं घर में हूं तथा मेरे पास घर की चाबी है।” ‐ चार्ल्स फ्लैचर ल्यूम्मिस
“I am bigger than anything that can happen to me. All these things, sorrow, misfortune, and suffering, are outside my door. I am in the house and I have the key.” ‐ Charles Fletcher Lummis
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