ध्रुवदेवी : धूमकेतु | Dhruvdevi : By Dhumketu Hindi Book
ध्रुवदेवी पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : धूमकेतु गुजराती साहित्य का एक विशिष्ट नाम जैसा नाम वैसे ही गुण धूमकेतु जैसे ही तेजस्वी और प्रकाशमान गुजराती साहित्य के आकाश को उन्होंने उज्ज्वल बना दिया। ई. सं. 1926 से ई. सं. 1964 के वर्षों के दौरान अनेक कलात्मक कहानियां देकर उन्होंने गुजरात की प्रजा को प्रभावित किया। उनकी ‘पोस्ट ऑफिस’, ‘भैया दादा’, ‘राजपूतानी’ जैसी अनेक कहानियों ने गुजरात के हृदय को सहृदयता से रसमय बना दिया था। पांच सी जितनी कहानियां देकर गुजरात की कहानी कला की पगडण्डी को उन्होंने राजमार्ग बना दिया उनकी तनखा मण्डल’ की कहानियों ने तो सचमुच ही गुजरात की प्रजा पर जादू कर दिया था। उनके आगमन से गुजरात को कहानी क्षेत्र का उच्चकोटि का कलाकार मिला। रस और इतिहास की दृष्टि से धूमकेतु का कहानी क्षेत्र में अपूर्व और अनन्य स्थान है।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | ध्रुवदेवी | Dhruvdevi |
| Author | Dhumketu |
| Category | Historical Book in Hindi PDF History Book in Hindi Novel in Hindi PDF Book |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 168 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“काम को सही करने से अधिक महत्त्वपूर्ण यह है कि सही काम ही किये जावें।” पीटर ड्रकर
“It is more important to do right thing than to do things right.” Peter Drucker
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