धुनों की यात्रा : पंकज राग | Dhuno Ki Yatra : By Pankaj Raag Hindi Book
धुनों की यात्रा पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : “धुनों की यात्रा’ हिन्दी फिल्म के संगीतकारों पर केन्द्रित ऐसी पहली मुकम्मल और प्रामाणिक पुस्तक है, जिसमें सन् 1951 से लेकर 2005 तक के सभी संगीतकारों का समावेश किया गया है। संगीतकारों के विवरण और विश्लेषण के साथ उनकी सृजनात्मकता को सन्दर्भ सहित संगीत, समाज और जनाकांथाओं की प्रवृत्तियों को पहली बार इस पुस्तक के माध्यम से रेखांकित किया गया है धुनों की यात्रा में मात्र संगीत की साख्यिकी को ही नहीं देखा गया है, वरन् संगीत रचनाओं के तत्कालीन जैविक और भौतिक अनुभूतियों के साथ ही संगीत के राग, ताल, प्रभाव, बारीकी और उसकी विशिष्टताओं के साथ सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक परिवेश, चेतना और उसके पुराने एवं नये, ढहते और बनते नये रूपाकारों को, उसके उल्लास, आवेश आवेग, संघर्षो और संयोजनों को भी सूक्ष्मता के साथ
विवेचित किया गया है।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | धुनों की यात्रा | Dhuno Ki Yatra |
| Author | पंकज राग / Pankaj Raag |
| Category | Music Books in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 776 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“आपकी समस्या वास्तविकता में कभी भी आपकी समस्या नहीं होती है, आपकी समस्या के प्रति आपकी प्रतिक्रिया आपकी समस्या होती है।” ‐ ब्राइन किन्से
“Your problem is never really your problem; your reaction to your problem is your problem.” ‐ Brian Kinsey
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