डूबने का आमंत्रण : ओशो | Dubne Ka Amantran : By Osho Hindi Book
डूबने का आमंत्रण पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : “मुक्त हो जाओ। मैं निश्चित ही डुबा सकता हू, पार में लगा सकता नहीं। पार लगाने में मेरा भरोसा नहीं है, पार कहीं कोई है नहीं। जो डूब गया, वहीं पहुंच गया जो पार लगा, वह फिर चूक गया। डूबना है, परमात्मा में डूबना है।… डूबने को राजी हो जाओ। मैं तो डुबाने को प्रतिपल तैयार हूँ।”
गुरु
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बीसवीं सदी के सर्वाधिक लोकप्रिय, लेकिन उतने ही विवादास्पद भी, रहस्यवादी ओशो ने व्यक्ति से जुड़े सभी पहलुओं चाहे वह नितान्त व्यक्तिगत हो, सामाजिक हो, धार्मिक हो, राजनैतिक हो या आध्यात्मिक हो – पर उनकी बखिया उधेड़ते हुए बोला है। हालांकि अपने तेवरों के कारण उन्हें अमेरिका से लेकर भारत तक के अर्थात विश्व के लगभग सभी देशों के राजनेताओं का कोपभाजन बनना पड़ा। लेकिन उन्होंने ‘व्यक्ति’ को ‘जगाना’ नहीं छोड़ा।
इस पुस्तक में ओशो द्वारा बहुरि न ऐसो दांव प्रश्नोत्तर प्रवचनों में से 1-5 तक प्रवचन संकलित हैं।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | डूबने का आमंत्रण | Dubne Ka Amantran |
| Author | Osho Hindi PDF Books |
| Category | Spiritual PDF Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 204 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“आपको शिक्षकों से मदद मिल सकती है, लेकिन आपको बहुत कुछ अपने आप ही सीखना होगा, किसी कमरे में अकेले बैठ कर।” – डॉ स्युस
“You can get help from teachers, but you are going to have to learn a lot by yourself, sitting alone in a room.” – Dr. Seuss
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