Griha Parisajja : By Sangita Srivastav Hindi Book | गृह परिसज्जा : संगिता श्रीवास्तव द्वारा हिंदी पुस्तक

Griha Parisajja : By Sangita Srivastav Hindi Book | गृह परिसज्जा : संगिता श्रीवास्तव द्वारा हिंदी पुस्तक
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गृह सज्जा पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : 
गृह परिसज्जा प्रत्येक मकान को सुन्दर एवं आकर्षक बनाती है। प्रत्येक व्यक्ति मकान बनाने के दौरान गृह परिसज्जा पर अवश्य ध्यान देता है। इस काम को करने के लिए अत्यधिक ज्ञान की जरूरत होती है। गृहिणियाँ अगर अपने ज्ञान का उपयोग गृह परिसज्जा में करे तो घर और भी आकर्षक हो जाता है। वह इस कार्य को समय का उचित प्रबंध करके ही पूरा कर सकती है। स्पष्ट रूप से परिवार की पलंग, टेबल और कुर्सी की आधारभूत आवश्यकता में कई बदलाव होता है, क्योंकि हम सदैव परिवर्तनशील समाज में रहते हैं। परिसज्जाओं का निर्धारण करने से पहले स्वयं से यह प्रश्न पूछ लेना चाहिए कि क्या स्थानान्तरण के कारण सामान इधर से उधर ले जाना पड़ता है अथवा क्या किराये का मकान बार-बार बदलने से विभिन्न समुदाय, विभिन्न जलवायु एवं विभिन्न मकानों में जाना पड़ता है जिससे परिसज्जा का चयन सावधानीपूर्वक करने की जरूरत होती है।

पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name गृह परिसज्जा | Griha Parisajja
Author
CategoryHome Decor Books in Hindi | Ghar Ki Sajawat
Language
Pages 224
Quality Good
Download Status Not for Download
“बंदरगाह में खड़ा जलयान सुरक्षित होता है। जलयान वहां खड़े रहने के लिए नहीं बने होते हैं।” ‐ थामस एक्किनास
“A ship in harbor is safe . . . but that is not what ships are for.” ‐ Thomas Aquinas

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