नारद की चिंता : सुशील सिद्धार्थ | Narada Ki Chinta : By Sushil Siddharth Hindi Book
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नारद की चिंता पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : लाफ्टर शो की भीड़ की समझ और पहचान से अलग-थलग कुछेक व्यंग्यकार ऐसे भी हैं जो ठेठ व्यंग्य लिखने में यकीन रखते हैं। सुपरिचित व्यंग्यकार सुशील सिद्धार्थ इन्हीं में एक हैं। ‘नारद की चिन्ता’ उनका तीसरा व्यंग्य संग्रह है। इसे पढ़ते हुए आप पाएंगे कि सुशीलजी का स्तरीय व्यंग्य लेखन ‘आँखिन देखी पर आधारित है। वह किसी भी विषय पर अनायास व्यंग्य नहीं लिख डालते। व्यंग्य-वस्तु का सावधानीपूर्वक चयन और निर्वाह करते हैं। उनका मकसद परचिंतानुरंजन करते हुए भाषा प्रवाह में अनर्गल वह जाना नहीं, अपने तरीके से समय-समीक्षा करना है।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | नारद की चिंता | Narada Ki Chinta |
| Author | सुशील सिद्धार्थ / Sushil Siddharth |
| Category | हास्य और व्यंग्य / Humour & Satire Hindi Books |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 280 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“यदि आप अपरिमित में जाना चाहते हैं, तो पहले परिमित को अच्छे से जान लेने का प्रयत्न करें।” जोहेन वोल्फ़्गेंग गोथ
“If you wish to advance into the infinite, explore the finite in all directions.” Johann Wolfgang Goethe
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