संस्कृति से निकलती राहें : रामनरेश कुशवाह | Sanskrti Se Nikalati Rahen : By Ramnaresh Kushwaha Hindi Book

संस्कृति से निकलती राहें : रामनरेश कुशवाह | Sanskrti Se Nikalati Rahen : By Ramnaresh Kushwaha Hindi Book
PDF डाउनलोड करने के लिए लिंक नीचे दिया गया है

संस्कृति से निकलती राहें पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : हमारा देश अनेक धर्मों एवं जातियों में विभक्त है और सैकड़ों पंथ अपने-अपने दृष्टिकोण से समाज को सुदृढ़ बनाने में प्रयासरत हैं। पर आज भी हमारा समाज अनेक कुरीतियों से ग्रस्त है और आएदिन मनुष्य लालचवश तंत्र-मंत्र एवं तांत्रिकों के चक्कर में फँसकर धन हानि क्या, प्राण-हानि तक कर डालता है। बाह्य सुख-सुविधाएँ अधिक-से- अधिक प्राप्त करने की जैसे होड़ लगी हुई है। इन सबके बीच व्यक्ति अपने आपको, अपनी अंतश्चेतना को बिलकुल भुला बैठा है। वह एक यांत्रिक प्राणी बनकर केवल भौतिक साधनों की अंधी दौड़ में दौड़ लगा रहा है |

पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name संस्कृति से निकलती राहें | Sanskrti Se Nikalati Rahen
Author
Categoryहिन्दू / Hinduism Hindi Books Bhartiya Sanskriti In Hindi Books Social PDF Books In Hindi
Language
Pages 128
Quality Good
Download Status Not for Download
“एक अच्छी पुस्तक पढ़ने का पता तब चलता है जब उसका आखिरी पृष्ठ पलटते हुए आपका कुछ ऐसा लगे जैसे आपने एक मित्र को खो दिया।” ‐ पॉल स्वीनी
“You know you’ve read a good book when you turn the last page and feel a little as if you have lost a friend.” ‐ Paul Sweeney

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Leave a Comment