युगान्तर : नताशा अरोड़ा | Yugantar : By Natasha Arora Hindi Book
युगान्तर पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : ‘युगान्तर एक स्वप्न है जिस आयु में दादी नानी की परियों की कहानियाँ नन्ही बालिका को आकर्षक स्वप्नलोक में विचरण कराती है. उस कोमलवय में मैंने सुनी देश भक्त दीवानों की कहानियाँ, जान हथेली पर लिए घूमते क्रांतिकारियों की अपूर्व सहनशीलता भरी वीर गाथाएँ सुनीं, एक लाठी लेकर चलने वाले निर्भीक मनीषी के चमत्कारी व्यक्तित्व की अनूठी बातें, कभी अपने बाबा से तो कभी बुआओं से, नानी से तो कभी अपनी माँ से उस समय राष्ट्र उन्मुक्त मलय की रसभीनी सुगंध के निर्मल आनन्द में सराबोर होने लगा था यहुँ ओर नव निर्माण नव सृजन की मंगल ध्वनियों की झंकार थी। किशोरावस्था के विद्यालय के वह मस्ती भरे दिन जहाँ देशगान गूंजते ही रहते थे यह सब कुछ अविस्मरणीय बन गए थे।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | युगान्तर | Yugantar |
| Author | Natasha Arora |
| Category | Novel Book in Hindi PDF |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 392 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“काम को सही करने से अधिक महत्त्वपूर्ण यह है कि सही काम ही किये जावें।” पीटर ड्रकर
“It is more important to do right thing than to do things right.” Peter Drucker
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