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ज्ञान चेतना के चार आयाम / Gyan Chetana Ke Char Aayam

ज्ञान चेतना के चार आयाम : सम्पतराज रांका द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - ग्रन्थ | Gyan Chetana Ke Char Aayam : by Sampataraj Ranka Hindi PDF Book - Granth
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name ज्ञान चेतना के चार आयाम / Gyan Chetana Ke Char Aayam
Author
Category, , ,
Language
Pages 230
Quality Good
Size 9.5 MB
Download Status Available

सभी मित्र हस्तमैथुन के ऊपर इस जरूरी विडियो को देखे, ज्यादा से ज्यादा ग्रुप में शेयर करें| भगवान नाम जप की शक्ति को पहचान कर उसे अपने जीवन का जरुरी हिस्सा बनाये|

ज्ञान चेतना के चार आयाम का संछिप्त विवरण : इन्हें क्लेश पहुंचाया हों, मृत तुल्य किया हो। हेरान भयभीत किया हो, एक जगह से दूसरी जगह रखा हो, इनका जीवन नष्ट किया हो इससे होने वाले पाप मेरे लिए निष्फल हो अर्थात जानते-अजानते विराधना आदि से कषाय द्वारा मैंने पाप कर्म बांधा है, उसके लिए मैं हृदय से पश्चाताप करता हूँ , जिससे कि निर्मल परिणाम द्वारा पाप कर्म शिथिल हो जावे और मुझे उसका……

Gyan Chetana Ke Char Aayam PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Inhen Klesh Pahunchaya hon, Mrt Tuly kiya ho. Hairan Bhayabheet kiya ho, ek jagah se doosari Jagah rakha ho, inaka jeevan nasht kiya ho isase hone vale Pap mere liye Nishphal ho arthat janate-Ajanate Viradhana Aadi se kashay dvara mainne Pap karm bandha hai, Usake liye main hrday se Pashchatap karata hoon , Jisase ki Nirmal Parinam dvara Pap Karm Shithil ho jave aur mujhe usaka………..
Short Description of Gyan Chetana Ke Char Aayam PDF Book : May have caused them tribulation, like being dead. Shocked, frightened, kept from one place to another, destroyed their lives, the sins resulting from it have become fruitless for me, that is, I know that I have committed sinful action by suffering through agitation, etc., for that I repent from my heart, So that the sinful act is relaxed by the pure result and I feel its ………….
“ईमानदारी किसी कायदे कानून की मोहताज़ नहीं होती।” अल्बर्ट कामू (१९१३-१९६०), १९५७ में साहित्य के नोबल पुरस्कार विजेता
“Integrity has no need of rules.” Albert Camus (1913-1960), 1957 Nobel for Literature

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