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खाँ जहाँ / Khan Jahan

खाँ जहाँ : स्मृति द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - नाटक | Khan Jahan : by Smriti Hindi PDF Book - Drama (Natak)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name खाँ जहाँ / Khan Jahan
Author
Category, , , ,
Language
Pages 225
Quality Good
Size 93 MB
Download Status Available

सभी मित्र हस्तमैथुन के ऊपर इस जरूरी विडियो को देखे, ज्यादा से ज्यादा ग्रुप में शेयर करें| भगवान नाम जप की शक्ति को पहचान कर उसे अपने जीवन का जरुरी हिस्सा बनाये|

खाँ जहाँ का संछिप्त विवरण : दूसरा नाटककार की कल्पना का मनोहर ओर निःस्वार्थ प्रेम का आदर्श चरित्र सोफ़िया हे । सोफ़िया के चरित्र को अंकित करने में नाटककार ने मनुष्य-हृदय की वृत्तियों के सूक्ष्मज्ञान का भी अच्छा परिचय दिया है | सोफ़िया महाबतख़ाँ की, लड़की थी | टाडसाहब ने अपने ग्रंथ में लिखा है कि महाबतख़ा उदयपुर के राना के भाई सगर……

Khan Jahan PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Doosara Natakkar ki kalpana ka manohar or nihsvarth prem ka aadarsh charitra sofiya he . Sofiya ke charitra ko ankit karane mein natakakar ne manushy-hrday kee vrttiyon ke sookshmagyan ka bhi achchha parichay diya hai . Sofiya mahabatakhan ki, ladaki thee . Tod sahab ne apane granth mein likha hai ki mahabatakha udayapur ke raana ke bhai sagar………
Short Description of Khan Jahan PDF Book : The second is the beautiful character of the playwright’s imagination and Sophia, the ideal character of selfless love. In portraying the character of Sophia, the playwright has also given a good introduction to the subtle-knowledge of the instincts of the human heart. Sophia was a girl from Mahabat Khan. Tadsahab has written in his book that Mahabat Khana, brother of Rana of Udaipur, Sagar ……
“किसी जंगली जानवर की तुलना में निष्ठाहीन तथा बुरी प्रवृतियों वाले मित्र से अधिक डरना चाहिए क्योंकि जंगली जानवर आपके शरीर को चोट पहुंचाएगा लेकिन बुरा मित्र तो आपके मन-मस्तिष्क को घायल करेगा।” ‐ बुद्ध
“An insincere and evil friend is more to be feared than a wild beast: a wild beast may wound your body, but an evil friend will wound your mind.” ‐ Buddha

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