कुलीनता : गोविन्ददास द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – नाटक | Kulinata : by Govind Das Hindi PDF Book – Drama (Natak)

कुलीनता : गोविन्ददास द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - नाटक | Kulinata : by Govind Das Hindi PDF Book - Drama (Natak)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name कुलीनता / Kulinata
Author
Category, , , ,
Language
Pages 140
Quality Good
Size 13 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : विजयसिंह देव – कान्यकुब्ज और महाकौशल अंतर है। वह सैकड़ों वर्षो तक भारत वर्ष की राजधानी रह चुका था। मुसलमानों को उसे छोड़ देना कठिन था। फिर एक ओर अनेक निदषों का व्यर्थ ही रक्त बहाना है , अनेकों को क्रीत-दास बनवाना है, मूर्तियों को तुड़वाना और मंदिरों को भ्रष्ट करवाना है………..

Pustak Ka Vivaran : Vijay singh Dev – kanyakubj aur mahakaushal antar hai. Vah saikadon varsho tak bharat varsh kee Rajadhani Rah chuka tha. Musalamanon ko use chhod dena kathin tha. phir ek or anek nirdoshon ka vyarth hee rakt bahana hai , anekon ko kreet-das banavana hai, murtiyon ko tudavana aur mandiron ko bhrasht karavana hai………….

Description about eBook : Vijaysingh Dev – Kanyakubud and Mahakaushal is the difference. He had been the capital of India’s year for hundreds of years. It was difficult for the Muslims to leave him. Then on one hand, many innocent people have to be washed, they have to make many slaves, to destroy idols and corrupt the temples…………

“भाग्य संयोग का विषय नहीं है। यह चयन का विषय है। यह कोई ऐसी वस्तु नहीं है जिसके लिए प्रतीक्षा की जाए; यह तो वह वस्तु है जिसे प्राप्त किया जाना चाहिए।” – विलियम जेन्निंग्स ब्रायन
“Destiny is no matter of chance. It is a matter of choice. It is not a thing to be waited for; it is a thing to be achieved. ” – William Jennings Bryan

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