मैं जाग्रत त्रिकोण बोल रहा हूँ : शिवपुत्र शुकदेव चैतन्य द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – आध्यात्मिक | Main Jagrat Trikon Bol Raha Hun : by Shivputra Shukdev Chaitany Hindi PDF Book – Spiritual (Adhyatmik)

मैं जाग्रत त्रिकोण बोल रहा हूँ : शिवपुत्र शुकदेव चैतन्य द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - आध्यात्मिक | Main Jagrat Trikon Bol Raha Hun : by Shivputra Shukdev Chaitany Hindi PDF Book - Spiritual (Adhyatmik)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name मैं जाग्रत त्रिकोण बोल रहा हूँ / Main Jagrat Trikon Bol Raha Hun
Author
Category, ,
Language
Pages 428
Quality Good
Size 49 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : ऐसी मान्यता है कि साधारण शरीर से कुछ साथारण ही निर्मित होता है। ये पात्र तो असाधारण हैं। अतः, इनसे निर्मित तत्तत भी असाधारण होने चाहिए तत्त्व व्यक्ति का हो या जगत्‌ का, असाधारण ही असाधारण का निर्माण कर सकता है। और इनके सानिध्य में निर्मित हुआ मैं भी स्वयं में असाधारण होता चला गया। मेरी जीवन-यात्रा एक मनुष्य का……….

Pustak Ka Vivaran : Aise Manyata hai ki Sadharan Shareer se kuchh sadharan hi Nirmit hota hai. Ye patra to asadharan hain. atah, inase nirmit tattv bhi asadharan hone chahiye tattv vyakti ka ho ya jagat‌ ka, asadharan hee asadharan ka Nirman kar sakata hai. Aur inake sanidhy mein Nirmit huya main bhee svayan mein Asadharan hota chala gaya. Meri jeevan-Yatra ek Manushy ka……..

Description about eBook : It is believed that something ordinary is created from an ordinary body. These characters are extraordinary. Therefore, the elements made from these must also be extraordinary, whether the person is of the person or the world, the extraordinary can create the extraordinary. And I was also made extraordinary in myself. My journey of a human being ……..

“कभी कभी छोटे निर्णय भी जीवन को हमेशा के लिये बदल सकते हैं।” ‐ केरि रसैल
“Sometimes it’s the smallest decisions that can change your life forever.” ‐ Keri Russell

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