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पातंजल योग सूत्र / Patanjal Yog Sutra

Patanjal पातंजल योग सूत्र : श्री नन्दलाल दशोरा द्वारा हिंदी पीडीऍफ पुस्तक | Patanjal Yog Sutra : by Nandlal Dashora Hindi PDF Book
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name पातंजल योग सूत्र / Patanjal Yog Sutra
Author
Category,
Language
Pages 250
Quality Good
Size 9 MB
Download Status Not Available
पुस्तक का डाउनलोड लिंक नीचे हरी पट्टी पर दिया गया है|

पातंजल योग सूत्र का संछिप्त विवरण : योग का अर्थ है ‘मिलना’, ‘जुड़ना’, ‘संयुक्त होना’ आदि | जिस विधि से साधक अपने प्रकृति जन्य विकारों को त्याग कर अपनी आत्मा के साथ संयुक्त होता है वही ‘योग’ है…….

Patanjal Yog Sutra PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Yog ka arth hai milna, judana, sanyukt hona aadi. jis vidhi se saadhak apane prakrti jany vikaaron ko tyaag kar apanee aatma ke saath sanyukt hota hai vahee yog hai………
Short Description of Patanjal Yog Sutra PDF Book : Yoga means ‘meet’, ‘join’, ‘union’ etc. By the way the seeker is discontinued from his nature and disorders, he is united with his own soul…………….
“किसी व्यक्ति के पास जो वह करता है उसके पीछे दो कारण होते हैं – एक अच्छा और एक सच्चा।” जे पी मॉर्गन
“A man always has two reasons for the thing he does – a good one and a real one.” J P Morgan

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