राजारानी : श्री रविन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – नाटक | Raja Rani : by Shri Ravindra Nath Thakur Hindi PDF Book – Drama (Natak)

Book Nameराजारानी / Raja Rani
Author
Category, , , , ,
Language
Pages 158
Quality Good
Size 4 MB
Download Status Available

राजारानी का संछिप्त विवरण : मैंने ऐसा कोन सा अपराध किया है जिसके कारण आप मुझे पुरोहित बना देना चाहते है ? मैंने तो न जाने कितने 5 छंद पाठ करना छोड़ दिया है, आपके साथ रहकर वेद-मन्त्र का समस्त विधान भी भूल गया हूँ,धुनि और स्मृति को तो विस्मृति रुपी जल में कभी का …..

Raja Rani PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Mainne aisa kon sa aparadh kiya hai jisake karan aap mujhe purohit bana dena chahate hai ? Mainne to na jane kitane din huye chhand path karana chhod diya hai, aapake sath rahakar ved-mantra ka samast vidhan bhee bhool gaya hoon,dhuni aur smrti ko to vismrti Roopi jal mein kabhee ka…………
Short Description of Raja Rani PDF Book : What kind of crime have I committed that you want to make me a priest? I did not know how many days have stopped reading verses, living with you have forgotten all the Vedas’ laws, never forgot the memory and the memory of the oblation in water…………
“एक मूल नियम है कि समान विचारधारा के व्यक्ति एक दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं। नकारात्मक सोच सुनिश्चित रुप से नकारात्मक परिणामो को आकर्षित करती है। इसके विपरीत, यदि कोई व्यक्ति आशा और विश्वास के साथ सोचने को आदत ही बना लेता है तो उसकी सकारात्मक सोच से सृजनात्मक शक्तियों सक्रिय हो जाती हैं- और सफलता उससे दूर जाने की बजाय उसी ओर चलने लगती है” – नार्मन विंसेन्ट पीएले
“There is a basic law that like attracts like. Negative thinking definitely attracts negative results. Conversely, if a person habitually thinks optimistically and hopefully, his positive thinking sets in motion creative forces — and success instead of eluding him flows toward him.” – Norman Vincent Peale

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