साहित्य का उद्देश्य : प्रेमचंद द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – साहित्य | Sahitya Ka Uddeshya : by Premchand Hindi PDF Book – Literature (Sahitya)

साहित्य का उद्देश्य : प्रेमचंद द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - साहित्य | Sahitya Ka Uddeshya : by Premchand Hindi PDF Book - Literature (Sahitya)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name साहित्य का उद्देश्य / Sahitya Ka Uddeshya
Author
Category, , ,
Language
Pages 295
Quality Good
Size 19 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : उन्होंने जिस भाषा की दाग बेल डाली, वह लिखने की भाषा थी और वही साहित्य है | बोल चाल से हम अपने करीब के लोगो पर अपने विचार प्रकट करते है अपने हर्ष शोक के भावों का चित्र खींचतें हैं। साहित्यकार वही काम लेखनी द्वारा करता है | हाँ, उसके श्रोताओं की परिधि बहुत विस्तृत होती है, और अगर उसके बयान में सचाई है, तो……………

Pustak Ka Vivaran : Unhonne Jis bhasha ki dag bel dali, vah likhane ki bhasha thee aur vahi sahity hai. Bol chal se ham apane kareeb ke logo par apane vichar prakat karate hai apane harsh shok ke bhavon ka chitra kheenchaten hain. Sahityakar vahi kam lekhani dvara karata hai. Han, usake shrotayon ki paridhi bahut vistrt hoti hai, aur agar usake bayan mein sachayi hai, to……….

Description about eBook : The language he stained, was the language of writing and that is literature. By speaking, we express our thoughts on the people close to us and draw pictures of our happy feelings. The writer does the same work through writing. Yes, the periphery of his audience is very wide, and if there is truth in his statement ……

“जीवन की त्रासदी इस बात में नहीं है कि आप अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंचते हैं। त्रासदी तो इस बात की है कि आपके पास प्राप्त करने के लिए कोई लक्ष्य नहीं है।” ‐ बेंजामिन मेअस
“The tragedy of life doesn’t lie in not reaching your goal. The tragedy lies in having no goal to reach.” ‐ Benjamin Mays

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Check Competition Books in Hindi & English - कम्पटीशन तैयारी से सम्बंधित किताबें यहाँ क्लिक करके देखें

Leave a Comment