सोहन काव्य-कथा मंजरी : श्री सोहनलाल जी द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – काव्य | Sohan Kavya Katha Manjari : by Shri Sohanlal Ji Hindi PDF Book – Poetry (Kavya)

सोहन काव्य-कथा मंजरी : श्री सोहनलाल जी द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - काव्य | Sohan Kavya Katha Manjari : by Shri Sohanlal Ji Hindi PDF Book - Poetry (Kavya)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name सोहन काव्य-कथा मंजरी / Sohan Kavya Katha Manjari
Author
Category, , , , ,
Language
Pages 116
Quality Good
Size 3 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : साहित्य की विद्याओं में कथा उतनी ही प्राचीन है जितनी कि स्वयं मानव-सृष्टि | जब दो व्यक्ति मिलते है एवं परस्पर कुशल-क्षेम के अनुसार पूछते है, तब वे अपनी कहानी ही कहते है या सुनते है | यही कहानी का उद्गम स्त्रोत हे | तब से अब तक इस कहानी ने एक लम्बी दूरी की यात्रा तय की है | कथा से कहानी…

Pustak Ka Vivaran : Sahity ki vidyaon mein katha utni hi prachin hai jitni ki svayan manav-srshti. Jab do vyakti milte hai evan paraspar kushal-kshem ke anusar puchhte hai, tab ve apni kahani hi kahte hai ya sunte hai. Yahi kahani ka udgam strot hai. Tab se ab tak is kahani ne ek lambi duri ki yatra tay ki hai. Katha se kahani…………

Description about eBook : In the literature of literature, the story is as ancient as the human creation itself. When two people meet and ask according to mutual well-being, then they say or hear their story. This is the source of the story. Since then, this story has set a long distance journey. Story story…………….

“हमारा कर्तव्य है कि हम अपने शरीर को स्वस्थ रखें। अन्यथा हम अपने मन को सक्षम और शुद्ध नहीं रख पाएंगे।” ‐ बुद्ध
“To keep the body in good health is a duty… otherwise we shall not be able to keep our mind strong and clear.” ‐ Buddha

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