जीवन उन्नयन के इलेवन कमांडमेंट्स | Jeewan Unnayan Ke Eleven Commandments
जीवन उन्नयन के इलेवन कमांडमेंट्स पुस्तक का कुछ अंश : यह पुस्तक आरम्भ से लेकर अंत तक विख्यात लोगों व उनके स्वयं के जीवन से लिये गये उदाहरणों द्वारा पाठक की रूचि बनाए रखती है। दार्शनिक प्रकृति की अन्य पुस्तकों की तुलना में इस पुस्तक ने मुझे एक क्षण के लिये भी नहीं उबाया। प्रत्येक कमांडमेंट इस तरह वर्णित किया गया है कि पाठक के सामने इसका स्पष्ट चित्र उपस्थित हो जाता है, कि यदि उसने इस पुस्तक में दिये गये नियमों का पालन किया तो उसका जीवन कैसा होगा। पुस्तक में दिये गये रिक्त स्थान, जहाँ पाठक पुस्तक का कोई भी भाग पढ़ते हुए, मन में आने वाले विचार तुरंत लिख सकता है, इस पुस्तक का सबसे अच्छा भाग है। इस कारण थोड़े समय बाद, पुस्तक व पाठक के बीच संवाद आरम्भ हो जाता है, और पुस्तक आपका व्यक्तिगत मनोवैज्ञानिक हो जाती है…………
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | जीवन उन्नयन के इलेवन कमांडमेंट्स | Jeewan Unnayan Ke Eleven Commandments |
| Author | Santosh Nair |
| Category | Motivational Book in Hindi Social PDF Books In Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 180 |
| Quality | Good |
| Size | 3 MB |
| Download Status | Available |
“जब मैं चौदह साल का लड़का था, तब मेरे पिता इतने अज्ञानी थे कि मुझे उनका आसपास होना बिल्कुल नहीं पसंद था। लेकिन जब मैं इक्कीस का हुआ, तो मुझे बेहद आश्चर्य हुआ कि सात वर्षों में उन्होंने कितना कुछ सीख डाला था।” मार्क ट्वैन
“When I was a boy of fourteen, my father was so ignorant I could hardly stand to have the old man around. But when I got to be twenty-one, I was astonished at how much the old man had learned in seven years.” Mark Twain
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