उपनिषद रहस्य (एकादषोपनिषा) | Upanishad Rahasya (Ekadashopnisha)
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उपनिषद रहस्य (एकादषोपनिषा) पुस्तक का कुछ अंश : इतरा नामक माता के पुत्र (महीदास) एंतरेय के रचे हुए “छतरेयारण्यक ” और ऐतरेय ब्राह्मण नामक दो ग्रन्थ हैं। इन दोनों ग्रन्थों का सम्बन्ध ऋग्वेद से है। इसीलिए यह ‘डपनिषद् ऋग्वेदीय उपनिषद् कही जाती है। छान्दोग्योपनिषद् में लिखा है कि इन ऐतरेय ऋषि ने, ब्रह्मचर्य के प्रताप से ११६ वर्ष की आयु प्राप्त की थी। इनके रचे पहले (ऐतरेयारण्यक) ग्रन्थ में पाँच आरण्यक हैं जिनमें से दूसरे और तीसरे आरण्यक को उपनिषद् भाग कहते हैं। इनमें प्राण और ब्रह्मविद्या अनेक आध्यात्म विद्याओं का वर्णन है जिन्हें अब प्राणोपनिषद् आदि………..
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | उपनिषद रहस्य (एकादषोपनिषा) | Upanishad Rahasya (Ekadashopnisha) |
| Author | Shri Narayan Swami |
| Category | Religious Books in Hindi PDF हिन्दू / Hinduism Hindi Books Granth Book in Hindi PDF | ग्रन्थ |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 37 |
| Quality | Good |
| Size | 4.3 MB |
| Download Status | Available |
“आप पूछते हैं: जीवन का उद्देश्य और अर्थ क्या है? मैं इसका उत्तर केवल एक अन्य प्रश्न से दे सकता हूं: क्या आपके विचार से हम भगवान की सोच को समझने के लिए पर्याप्त बुद्धिमत्ता रखते हैं?” – फ्रीमैन डायसन
“You ask: what is the meaning or purpose of life? I can only answer with another question: do you think we are wise enough to read God’s mind?” -Freeman Dyson
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