श्री साईं बाबा की 261 लीलाएँ : बालकृष्ण पाण्डेय | Shri Sai Baba Ki 261 Lilaen: By Balkrishna Pandey Hindi Book
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श्री साईं बाबा की 261 लीलाएँ पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : साँई बाबा की चरण-रज को जहाँ अनुपम लीलाओं एवं आध्यात्मिक ज्ञान का इस युग में उद्गम है।
गुरू जी श्रीयुत् चन्द्रभानु सत्पथी जी को जिन्होंने ने साँई की ओर जाने का मार्ग इंगित किया।
पूज्य पिता श्री डा. राधा कृष्ण पाण्डेय एवं माता श्रीमती रामश्री पाण्डेय को जिन्होंने भक्ति रस के संस्कार दिये।
मेरे अंतरंग परिवार को, जीवन संगिनी विनीता, पुत्री कीर्ति एवं पुत्र मुकुन्द जिन्होंने मेरी संसारिक रूप-रेखा की सामान्य त्रुटियों को झेला।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | श्री साईं बाबा की 261 लीलाएँ | Shri Sai Baba Ki 261 Lilaen |
| Author | Balkrishna Pandey |
| Category | हिन्दू / Hinduism Hindi Books Religious Books in Hindi PDF |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 288 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“मैं हिंसा पर आपत्ति उठाता हूं क्योंकि जब लगता है कि इसमें कोई भलाई है, तो ऐसी भलाई अस्थाई होती है; लेकिन इससे जो हानि होती है वह स्थायी होती है।” मोहनदास करमचंद गांधी (1869-1948)
“I object to violence because when it appears to do good, the good is only temporary; the evil it does is permanent.” Mohandas Karamchand Gandhi (1869-1948)
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