अँधेरा : अखिलेश | Andhera : By Akhilesh Hindi Book
अँधेरा पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : वजूद, यक्षगान, ग्रहण और अँधेरा महज चार लम्बी कहानियाँ नहीं हैं-ये हमारे कथा साहित्य की विरल उपलब्धियाँ हैं। इन्हीं चारों कहानियों से तैयार हुआ अत्यंत महत्त्वपूर्ण और बहुचर्चित कथाकार अखिलेश का नया कहानी-संग्रह अंधेरा अखिलेश हिन्दी की ऐसी विशिष्ट प्रतिभा हैं जिनके लेखन को लेकर साहित्य- जगत उत्सुक और प्रतीक्षारत रहता है। अखिलेश की रचनात्मकता के प्रति गहरे भरोसे का ही नतीजा है कि उनकी रचनाएँ साहित्य की दुनिया में खास मुकाम हासिल करती हैं। निश्चय ही इस अनोखे विश्वास के निर्माण में अंधेरा की कहानियों की अहम भूमिका है।
अँधेरा में शामिल चारों कहानियों लगातार चर्चा के केन्द्र में रही हैं। इन्हें जो ध्यानाकर्षण जो शोहरत मिली है, वह कम रचनाओं को नसीब होती है। इनके बारे में अनेक प्रकार की व्याख्याएँ, आलेख, टिप्पणियाँ और विवाद समय-समय पर प्रकट हुए हैं। पर इन सबसे ज़्यादा ज़रूरी बात यह है कि चारों कहानियों पर पाठकों ने भी मुहर लगाई है।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | अँधेरा | Andhera |
| Author | Akhilesh |
| Category | Story Book PDF in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 190 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“जब आप शहद की खोज में जाते हैं, तो आपको मधुमक्खियों द्वारा काटे जाने की संभावना को स्वीकर कर लेना चाहिए। (सफलता के मार्ग में कठिनाईयों का आना स्वभाविक ही है)” ‐ जोसेफ जोबर्ट
“When you go in search of honey you must expect to be stung by bees.” ‐ Joseph Joubert
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