Dek Par Andhera : By Hiralal Nagar Hindi Book | डेक पर अंधेरा : हीरालाल नगर द्वारा हिंदी पुस्तक

Dek Par Andhera : By Hiralal Nagar Hindi Book | डेक पर अंधेरा : हीरालाल नगर द्वारा हिंदी पुस्तक
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डेक पर अंधेरा पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : 
हीरालाल नागर
जन्म: 3 जुलाई, 1951
शिक्षा: ग्रेजुएशन, पत्रकारिता एवं सॉफ्टवेयर में
लेखन और प्रकाशन समसामयिक विषयों पर आलेख विहानी, आलोचना, समीक्षा आदि देश की प्रमुख पत्रकाओं में प्रकाशित।
कृतियां जंगल से खिलाफ (कवितासंग्रह) अधूरी
संपादन : कमलेश्वर की महत्वपूर्ण कहानियों का संग्रह “सोलह छतों का घु’।
पुरस्कार एवं सम्मान : कहानी के लिए ‘आर्य स्मृति साहित्य सम्मान-2002, कहानी के लिए ही पहला ‘शैलेश पनि सम्मान-2005
संप्रति : दैनिक भास्कर की प्रमुख पत्रिका ‘अहा! जिंदगी के नई दिल्ली कार्यालय में कार्यरत
संपर्क को 124/41 सी गली नं.2, सादतपुर विस्तार, गार्जुन नगर नई दिल्ली-110094

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पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name डेक पर अंधेरा | Dek Par Andhera
Author
Categoryनाटक / Drama Hindi Books Novel Book in Hindi PDF
Language
Pages 240
Quality Good
Download Status Not for Download
“हम जब तक खुद मां बाप नहीं बन जाएं, मां बाप का प्यार कभी नहीं जान पाते।” हेनरी वार्ड बीचर, (१८१३-१८८७), अमरीकी पादरी
“We never know the love of a parent till we become parents ourselves.” Henry Ward Beecher, (1813-1887), American Clergyman

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