और जब भेड़िया आ गया : रत्ना मनुचा | Aur Jab Bhediya Aa Gaya : By Ratna Manucha Hindi Book

और जब भेड़िया आ गया : रत्ना मनुचा शिगाफ़ : मनीषा कुलश्रेष्ठ | Aur Jab Bhediya Aa Gaya : By Ratna Manucha Hindi Book
PDF डाउनलोड करने के लिए लिंक नीचे दिया गया है

और जब भेड़िया आ गया पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : रत्ना मनूचा लिटल फ्लॉवर स्कूल, देहरादून, की संस्थापक प्रधानाचार्य हैं। उनको लगभग 25 साल का शिक्षण और प्रशासनिक अनुभव रहा है। वह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव रिसर्च (एनआईएआर), जो लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (एलबीएसएनएए), मसूरी, की शोध एवं नीति-निर्धारक इकाई है, में विजिटिंग फैकल्टी के रूप में भी कार्य करती रही हैं। उन्होंने कई समाचार पत्रों के लिए लघु कहानियों, कविताओं और लेखों के अलावा कई पुस्तकों का लेखन भी किया है। उन्होंने बच्चों के लिए कई कार्यशालाओं का भी आयोजन किया है।

One more meaningful Hindi story is ready

पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name और जब भेड़िया आ गया | Aur Jab Bhediya Aa Gaya
Author
CategoryComics Books in Hindi Hindi Children's Book PDF Story Book PDF in Hindi
Language
Pages 20
Quality Good
Download Status Not for Download
“आकार का इतना अधिक महत्त्व नहीं होता है। व्हेल मछली का अस्तित्व खतरे में है जबकि चींटी एक सहज जीवन जी रही है।” ‐ बिल वाघन
“Size isn’t everything. The whale is endangered, while the ant continues to do just fine.” ‐ Bill Vaughan

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Leave a Comment