Bal Gita : By Rajeev Krishna Saxena Hindi Book | बाल गीता : राजीव कृष्ण सक्सेना द्वारा हिंदी पुस्तक
बाल गीता पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : राजीव कृष्ण सक्सेना का जन्म 24 जनवरी 1951 में दिल्ली में हुआ। दिल्ली विश्वविद्यालय और ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट में अध्ययन के पश्चात आप लगभग 12 वर्ष तक अमरीकी शोध संस्थानों में कार्यरत रहे। आप एक जाने-माने वैज्ञानिक हैं और आजकल दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में जीवविज्ञान के प्रोफ़ेसर हैं। आप जीवविज्ञान संस्थान के डीन एवं विश्वविद्यालय के प्रो- वाइसचाँसलर भी रह चुके हैं। जीव प्रतिरक्षा विज्ञान के अध्यापन एवं शोध कार्य में अत्यंत व्यस्तता रहते हुए भी आप हिंदी कविता में बहुत रुचि लेते हैं और एक कवि भी हैं। आप कविता की एक अत्यंत प्रसिद्ध वेवसाइट www.geeta-kavita.com का संचालन भी करते हैं। आपने कुछ वर्ष पूर्व संपूर्ण गीता का मात्राबद्ध काव्यानुवाद किया जो कि गीता काव्य- माधुरी के नाम से बहुत लोकप्रिय हुआ। वाल गीता में आपने बच्चों के लिए गीता के मूल सिद्धांतों को एक अत्यंत सरल कविता के रूप में काव्यवद्ध किया है।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | बाल गीता | Bal Gita |
| Author | Rajeev Krishna Saxena |
| Category | हिन्दू / Hinduism Hindi Books Hindi Children's Book PDF |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 136 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“मुझे तो अतीत के इतिहास से कहीं अच्छे लगते हैं भविष्य के सपने।” ‐ टॉमस जैफ़रसन (१७४३-१८२६), तीसरे अमरीकी राष्ट्रपति
“I like the dreams of the future better than the history of the past.” ‐ Thomas Jefferson (April 13, 1743–July 4, 1826), Third President of America
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