चोटी गठबंधन : घनश्याम मुरारी सक्सेना | Choti Gathabandhan : By Ghanshyam Murari Saxena Hindi Book
पुस्तक के कुछ अंश : कक्षा छठी, घंटा गणित का, सिंह अध्यापक पढ़ाते थे। विद्यार्थी उनके नाम से थरतेि थे। पतले-दुबले थे, पर था बड़ा तेज स्वभाव। गुस्सा एकदम लाजवाब, गुस्से में कुछ भी मार देते। पढ़ाते वक्त शेर की तरह, विद्यार्थी पर गुर्राते थे। वह कक्षा में सिंह की तरह आए, सब विद्यार्थी डर से थर्राए। उन्होंने गणित का सवाल बोला, विद्यार्थी की योग्यता को टटोला। बोले, “जो सबसे पहले सवाल दिखाएगा, समझो गणित की हर परीक्षा में प्रथम आएगा। जो द्वितीय और तृतीय स्थान पर सवाल दिखाएगा, वह द्वितीय और तृतीय स्थान पाएगा।” वैसे ही हम परीक्षा के नाम से घबराते थे, अक्सर सवालों के नाम से हमें पसीने आते थे। एक सवाल के हल से कहीं योग्यता का पता चलता है।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | चोटी गठबंधन | Choti Gathabandhan |
| Author | Ghanshyam Murari Saxena |
| Category | संस्कृति | Culture Hindi Books |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 40 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“छोटी बुराई को अपने पास न आने दें क्योंकि अन्य बड़ी बुराईयां सुनिश्चित रूप से इसके पीछे-पीछे आती हैं।” ‐ बाल्टासार ग्रेसिय
“Never open the door to a lesser evil, for other and greater ones invariably follow it.” ‐ Baltasar Gracian
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