बिताते हुए : मधु कांकरिया | Bitate Hua : By Madhu Kankariya Hindi Book
बिताते हुए पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : हमारे समाज में प्रचलित रु मान्यताओं के बरक्स मानवीय स्वतन्त्रता का सवाल सदा ही अनदेखा किया जाता रहा है। लेकिन मधु कांकरिया की कहानियाँ सिर्फ परम्परागत मान्यताओं की ही नहीं, आधुनिकता के आवरण में लिपटे जीवन-मूल्यों की भी पड़ताल करती हैं और हमारे सामने कई सुलगते हुए सवाल खड़ी कर सोच को रचनात्मक आयाम प्रदान करती हैं। चाहे नक्सलवादी आन्दोलन पर आधारित लेकिन कामरेड हो, दाम्पत्य जीवन में परस्पर विश्वास को रेखांकित करती चूहे को चूहा ही रहने दो हो या बच्चे के स्कूल में दाखिले के लिए एक स्त्री की व्यथा कथा हो मधु काँकरिया कहीं भी विचार और संवेदना के स्तर पर पाठकों को निराश नहीं करती, बल्कि क्यारस के प्रवाह में बहाए चलती हैं।
औपन्यासिक विस्तार की संभावना से युक्त ये कहानियाँ भाषा, शिल्प एवं विचार तत्व के अनूठेपन और भाव एवं विचार के अद्भुत सन्तुलन के कारण निश्चय ही पढ़ी जाएँगी, ऐसा हमारा विश्वास है।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | बिताते हुए | Bitate Hua |
| Author | Madhu Kankariya |
| Category | Novel in Hindi PDF Book Story Book PDF in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 216 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“विश्वास और प्रार्थना आत्मा के दो विटामिन हैं; कोई भी व्यक्ति इनके बिना स्वस्थ जीवन यापन नहीं कर सकता है।” महालिया जैकसन
“Faith and prayer are the vitamins of the soul; man cannot live in health without them.” Mahalia Jackson
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