इस्मत की ईद : फ़ौज़िया गिलानी विलियम्स | Ismat Ki Eid : By Fauzia Gilani Williams Hindi Book
इस्मत की ईद पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : इस्मत की ईद एक मज़ेदार तुर्की कथा पर आधारित है। इस्मत खुशमिज़ाज इंसान है। ईद के त्यौहार पर वह अपने परिवार के लिए खास तोहफ़े खरीदता है। दुकानदार उसे अपने लिए पतलून खरीदने के लिए राजी करता हैं पर दुकान में बस एक ही पतलून है और वह भी इस्मत के नाप से बड़ी / लेकिन लंबी पतलून को छोटा किया जा सकता है न? यह सोचकर इस्मत उसे खरीद लेता है। ईद आती है, साथ-साथ इस्मत के लिए थोड़ा-सा सदमा और थोड़ी हैरत लिए। यह मजेदार कहानी जीवन का एक नज़रिया देती है। कथा और चित्रों का ऐसा सामंजस्य है कि उसमें रिश्तों की गरमाहट और सांस्कृतिक प्रतिध्वनी स्पष्ट सुनाई पड़ती है।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | इस्मत की ईद | Ismat Ki Eid |
| Author | फ़ौज़िया गिलानी विलियम्स / Fauzia Gilani Williams |
| Category | संस्कृति | Culture Hindi Books लोक कथाएं / Lok Kathayein Hindi Books Islamic Book in Hindi PDF Story Book PDF in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 28 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“हमें यह शिक्षा दी जानी चाहिए कि हमें किसी कार्य को करने के लिए प्रेरणा की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए। कर्म करने से हमेशा प्रेरणा का जन्म होता है। प्रेरणा से शायद ही कर्म की उत्पत्ति होती हो।” ‐ फ्रेंक टिबोल्ट
“We should be taught not to wait for inspiration to start a thing. Action always generates inspiration. Inspiration seldom generates action.” ‐ Frank Tibolt
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