मासूमा : इस्मत चुगताई | Masooma: By Ismat Chughtai Hindi Book

Masooma: By Ismat Chughtai Hindi Book
PDF डाउनलोड करने के लिए लिंक नीचे दिया गया है

मासूमा पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : यह उपन्यास एक मासूम लड़की के बारे में है जिसका नाम भी उसकी माँ ने मासूमा ही रखा था, लेकिन ज़माने ने जिसे बाद में नाम दिया- नीलोफर, और जो औरत होने से पहले ही ऐसी कुछ हो गई कि जो खुद उसकी भी समझ से परे था।
इस्मत चुगताई की सधी कलम का यह शाहकार अपने वक्त की उस औरत की अक्काशी करता है जिसके पास अगर खूबसूरत जिस्म न हो, उसे चाहनेवाले पतिंगे न हों, तो वह कुछ नहीं रह जाती और अगर हों तो भूखे भेड़ियों की हवस की गेंद बनकर रह जाती है। इस्मत इस उपन्यास में औरत की यह हौलनाक तस्वीर खींचकर जैसे हर युग की औरतों को चेता रही हैं और कहने की जरूरत नहीं कि इक्कीसवीं सदी की चमक-दमक से चौथियाई हमारी असंख्य उदास, नीम अँधेरी गलियों में आज भी ऐसी मासूम रूहें परवान चढ़ रही है, जिनको अगर एक मजबूत चारदीवारी नसीब न हो तो वे जाने किस राह पर लावारिस पत्थर का टुकड़ा होकर जा रहें, जहाँ कोई भी आता-जाता उनसे खेले और ठुकराकर चलता बने।

Get more free Hindi novel PDFs – click the link

पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name मासूमा | Masooma
Author
CategoryNovel Book in Hindi PDF
Language
Pages 144
Quality Good
Download Status Not for Download
“सभी से प्रेम करें, कुछ पर विश्वास करें और किसी के साथ भी गलत न करें।” – विलियम शेक्सपियर
“Love all, trust a few, do wrong to none.” – William Shakespeare

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Leave a Comment