जिन्दगी खामोश कहाँ : मोहम्मद इरशाद | Jindgi Khamosh Kahan : By Mohammad Irshad Hindi Book
PDF डाउनलोड करने के लिए लिंक नीचे दिया गया है
जिन्दगी खामोश कहाँ पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : या रब मुझको ऐसा जीने का हुनर दे जो मुझसे मिले इंसाँ उसे मेरा कर दे
नफरत बसी हुई है जिन लोगों के दिल में परवरदिगार उनको मुहब्बत से भर दे मैं ख़ुद के ऐब देखूं ओ लोगों की खूबियाँ अल्लाह जो दे तो मुझे ऐसी नजर दे बेखौफ जी रहा हूँ गुनहगार हो गया दुनिया का नहीं दिल को मेरे अपना ही डर दे
जो लोग भटकते हैं दुनिया में दरबदर मोती का ना सही उन्हें तिनकों का तो घर दे हर हाल में करते हैं जो शुक्र अदा तेरा ‘इरशाद’ को भी मौला उनमें शुमार कर दे
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | जिन्दगी खामोश कहाँ | Jindgi Khamosh Kahan |
| Author | मोहम्मद इरशाद / Mohammad Irshad |
| Category | Ghazal Book in Hindi PDF Literature Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 84 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“मेरे विचार से यदि आप इन्द्रधनुष चाहते हैं, तो आपको वर्षा को सहना होगा।” – डॉली पार्टन
“The way I see it, if you want the rainbow, you gotta put up with the rain. – Dolly Parton
हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें












