सफ़लता के 7 नियम : राजेश अग्रवाल | Safalta Ke 7 Niyam : By Rajesh Aggarwal Hindi Book
सफ़लता के 7 नियम पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : यह कहानी एक प्रोफेसर के बारे में है, जो तीस बरस से एक विश्वविद्यालय में पढ़ा रहे थे। इतने लंबे समय तक काम करने के बाद भी वह जिंदगी का अर्थ नहीं समझ पाए, अंततः वह कुंठित हो गए। इसका उत्तर पाने के लिए उन्होंने एक जेन मास्टर से मिलने का समय लिया। प्रोफेसर ने जैन मास्टर से मिलने के लिए लंबी यात्रा की और उनके घर पहुँचे। जेन मास्टर ने प्रोफेसर का स्वागत किया और चाय के लिए पूछा। प्रोफेसर खुशी-खुशी चाय के लिए तैयार हो गए। मास्टर ने प्रोफेसर से बात करते हुए कप में चाय उँडेलना शुरू किया, कप भरने के बाद भी वह चाय उडेलते रहे और बोलते रहे। प्रोफेसर का ध्यान कप की तरफ चला गया और वह मास्टर की बातों पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाए।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | सफ़लता के 7 नियम | Safalta Ke 7 Niyam |
| Author | Rajesh Aggarwal |
| Category | Motivational Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 168 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“मैं मानवता से हैरान हूँ। क्योंकि मनुष्य पैसा कमाने के लिए अपने स्वास्थ्य को बलिदान करता है। फिर अपने स्वास्थ्य को पाने के लिए वह धन खर्च करता है। वह भविष्य के बारे में इतना चिंतित रहता है कि वर्तमान का आनंद नहीं लेता है; नतीजा यह होता है कि वह न वर्तमान में और न भविष्य में जीता है; वह ऐसे जीता है जैसे कि कभी मरने वाला नहीं है, और फिर मरता है जैसे वास्तव में कभी जिया ही नहीं हो।” ‐ दलाई लामा
“I am surprised by humanity. Because a man sacrifices his health in order to make money. Then he sacrifices money to recuperate his health. And then he is so anxious about the future that he does not enjoy the present; the result being that he does not live in the present or the future; he lives as if he is never going to die, and then dies having never really lived.” ‐ Dalai Lama
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